ईरान-अमेरिका के बीच स्विटजरलैंड में शांति को लेकर ज्ञापन समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर से पहले ही अमेरिकी नौसेना ने नाकेबंदी हटा दी है। इतना ही नहीं, अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों से एक दर्जन से ज़्यादा जहाजों को जाने की इजाजत दे दी है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने समझौते के तहत नाकेबंदी हटाते हुए ईरान के बंदरगाहों से एक दर्जन से ज़्यादा जहाजों को जाने की इजाजत दे दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि होर्मुज के जरिए अब तेल का परिवहन शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि बुधवार रात को इस जलमार्ग से 12.5 मिलियन बैरल से अधिक तेल का परिवहन हुआ। तेल परिवहन के शुरू होने को समझौते का तात्कालिक लाभ करार देते हुए वेंस ने इस आलोचना को खारिज कर दिया कि समझौता ईरान के पक्ष में झुका हुआ है।
स्विट्जरलैंड जा सकते हैं वेंस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंस ने यह भी बताया कि वह ईरान समझौते पर बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड जा सकते हैं। इस बीच, ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि ईरान के दक्षिणी बंदरगाहों पर जहाजों की आवाजाही सामान्य हो गई है। हालांकि उसने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी ईरानी सेना की निगरानी और नियंत्रण में है। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने के लिए अभी भी उसके समन्वय की आवश्यकता है।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के जहाजों की आवाजाही शुरू
इस बीच, समुद्री डेटा कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस ने बताया है कि समझौते की घोषणा के बाद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते अपने जहाज भेजने शुरू कर दिए हैं। पिछले लगभग 110 दिनों में पहली बार बड़ी वैश्विक कंपनियों के स्वामित्व वाले जहाज इस मार्ग से गुजर रहे हैं। बता दें कि फरवरी से यह मार्ग प्रभावी रूप से बाधित था।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रिमाल्डी ग्रुप, कोस्को, नटसेन और एनवाईके जैसी प्रमुख शिपिंग कंपनियों के टैंकर जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। इसके अलावा ईरान के ध्वज वाले और नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी के स्वामित्व वाले दो कच्चे तेल के टैंकर भी इस मार्ग में प्रवेश कर चुके हैं।
हालांकि हालाता अभी सामान्य नहीं
हालांकि समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। वैश्विक टैंकर मालिकों के संगठन इंटरटैंको के समुद्री निदेशक फिलिप बेलचर के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य का मुख्य केंद्रीय समुद्री मार्ग अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और वहां अनुमानित 80 सी माइन्स मौजूद हैं, जिन्हें हटाया जाना बाकी है। फिलहाल अभी अधिकांश जहाज उत्तरी मार्ग से ईरानी जलक्षेत्र और दक्षिणी मार्ग से ओमान के जलक्षेत्र के जरिए आवाजाही कर रहे हैं।
ईरान-अमेरिका समझौते में क्या है?
प्रस्तावित अमेरिका-ईरान समझौते में दोनों देशों के बीच शत्रुता को स्थायी रूप से समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों के भीतर व्यापक समझौते तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत विफल रहती है तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प पूरी तरह बंद नहीं किया गया है।
