दुनिया

बार-बार दहल रहा होर्मुज, पर अमेरिका दे रहा युद्धविराम वाली गोली; कहा- ईरान के साथ लागू है सीजफायर

अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है। अमेरिका की सेंट्रल कमान के अनुसार, कम से कम 49 वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटने का आदेश दिया गया है।

Image

अमेरिका-ईरान

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और हमलों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अभी भी लागू है। अमेरिकी रक्षा नेतृत्व ने साफ कहा है कि हालिया घटनाएं बड़े युद्ध अभियान की श्रेणी में नहीं आतीं, हालांकि क्षेत्र में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन ने कहा कि युद्धविराम खत्म नहीं हुआ है, लेकिन ईरान की गतिविधियां चिंता बढ़ा रही हैं। अमेरिका का दावा है कि उसने वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पैदा करने वाली ईरानी नौकाओं को नष्ट किया है और जलमार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए “प्रोजेक्ट फ्रीडम” के तहत अभियान चला रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात ने लगाया ईरानी मिसाइल हमलों का आरोप

दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात ने लगातार दूसरे दिन ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है। फुजैराह में एक तेल संयंत्र पर ड्रोन हमले से आग लग गई और कई लोग घायल हुए। हालांकि, ईरान ने इन हमलों की स्पष्ट पुष्टि नहीं की है।

फारस की खाड़ी का यह अहम समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है,जहां से दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार होता है। मौजूदा तनाव के कारण सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं और ईंधन की कीमतों पर भी दबाव बढ़ गया है।

ईरानी संसद अध्यक्ष ने लगाया युद्धविराम उल्लंघन का आरोप

ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलिबाफ ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य को बाधित करने की कोशिशों का सख्ती से जवाब दिया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार,अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। फिलहाल, युद्धविराम बना हुआ है, लेकिन हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और सऊदी अरब दोनों ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की। जलमार्ग के अवरुद्ध होने से फारस की खाड़ी के तेल और गैस पर निर्भर यूरोप और एशिया के देशों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे इस क्षेत्र से बाहर भी कीमतें बढ़ गई हैं।

ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू

इस बीच, अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है। अमेरिका की सेंट्रल कमान के अनुसार, कम से कम 49 वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटने का आदेश दिया गया है। उसने जहाजरानी कंपनियों को चेतावनी भी दी है कि अगर वे जलडमरूमध्य से पारगमन के लिए ईरान को भुगतान करती हैं तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इस नाकाबंदी ने तेहरान को तेल राजस्व से वंचित कर दिया है, जिसकी उसे अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए आवश्यकता है।

अमेरिकी अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यह नाकाबंदी ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम और अन्य लंबे समय से लंबित मुद्दों पर बातचीत में रियायतें देने के लिए मजबूर करेगी।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article