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होर्मुज में अमेरिकी हेलीकॉप्टर क्रैश से भड़का नया संकट, अमेरिका ने ईरान पर किया हमला

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस घटनाक्रम से मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

Photo : AP

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया। जिसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। वहीं, तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में हालात और संवेदनशील हो गए हैं। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसने ईरान पर अपने हमले पूरे कर लिए हैं।

ट्रंप का आरोप-ईरान ने गिराया अमेरिकी हेलीकॉप्टर

ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर को नियमित गश्त के दौरान ईरान ने मार गिराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस हमले का जवाब देना जरूरी था। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने बाद में बताया कि प्रारंभिक जांच में हेलीकॉप्टर के एक ईरानी ड्रोन से टकराने की बात सामने आई है। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने दी जवाबी चेतावनी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान की 'अनुचित आक्रामकता' के जवाब में यह कार्रवाई की गई। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केश्म द्वीप पर धमाकों की आवाजें सुनी दी। बाद में बताया गया कि अमेरिकी हमलों का दौर थम गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना किसी भी हमले या धमकी का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने अमेरिका और अन्य विदेशी सेनाओं को क्षेत्र छोड़ने की भी सलाह दी।

इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच दो महीने से लागू संघर्षविराम (Ceasefire) को और कमजोर कर दिया है। हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच भी सीजफायर के बाद पहली बार गोलीबारी हुई थी। ईरानी मीडिया के अनुसार, इजरायल द्वारा किए हमलों में उसके वायु रक्षा बल के दो सदस्य मारे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। पहले से ही इस संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं और कई देशों में महंगाई का दबाव बढ़ा है।

फिलहाल अमेरिका के इस हमले के बाद ईरान युद्ध में स्थायी युद्धविराम के प्रयासों पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग अवरुद्ध हो गया है और वैश्विक ऊर्जा कीमतें आसमान छू रही हैं। बहरीन द्वीप समूह में मिसाइल अलर्ट सायरन बजने लगे, जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा स्थित है। तेहरान ने कहा कि उसने बहरीन को जवाबी कार्रवाई के लिए निशाना बनाया है।

अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान ने बताया कि अमेरिकी वायु सेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने हमले किए, जिनमें हवाई रक्षा, जमीनी नियंत्रण केंद्र और निगरानी रडार स्थल शामिल थे। ईरान ने बंदर अब्बास और केशम द्वीप के आसपास हुए हमलों को स्वीकार किया, लेकिन नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यूएस केंद्रीय कमान ने कहा, यह अभियान क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरने वाले अमेरिकी बलों और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों की आनुपातिक प्रतिक्रिया थी।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत भी जारी है। ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई बड़ा समझौता हो सकता है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम के बाद बातचीत पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका, ईरान और मीडिल ईस्ट के बदलते हालात पर टिकी हुई हैं।

Pooja Kumari
पूजा कुमारी author

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी... और देखें

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