अमेरिका ने नाइजीरिया में ISIS के खिलाफ किया 'घातक' हमला; ट्रंप बोले- हम इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देंगे
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Dec 26, 2025, 08:35 AM IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट बलों के खिलाफ एक शक्तिशाली और घातक हमला किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध विभाग ने कई सटीक हमले किए, जैसा कि महज अमेरिका ही कर सकता है। मेरे नेतृत्व में हमारा देश कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो साभार: AP)
US Strike on ISIS: अमेरिका ने नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट बलों के खिलाफ एक शक्तिशाली और घातक हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मेरे नेतृत्व में अमेरिका कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा।
अमेरिका ने ISIS पर किया जोरदार हमला
ट्रंप ने बताया कि यह हमला उन आतंकवादियों को निशाना बनाकर किया गया है, जो कथिततौर पर ईसाइयों की हत्या कर रहे थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में बताया कि आज रात, कमांडर इन चीफ के तौर पर मेरे निर्देश पर अमेरिका ने उत्तर-पश्चिम नाइजीरिया में ISIS के आतंकियों के खिलाफ एक शक्तिशाली और घातक हमला किया, जो निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे और उन्हें बेरहमी से मार रहे थे।
आतंकवाद को पनपने नहीं देगा अमेरिका
ट्रंप ने कहा कि मैंने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि यह हत्याएं नहीं रुकीं, तो इसकी भारी कीमत चुकानी होगी और आज रात वही हुआ। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिकी युद्ध विभाग ने कई “सटीक और सफल” हमले किए, जैसा कि केवल अमेरिका ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि मेरे नेतृत्व में अमेरिका कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा। हमारी सेना को ईश्वर का आशीर्वाद मिले और क्रिसमस की शुभकामनाएं।
अमेरिकी नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के अनुसार, ISIS-वेस्ट अफ्रीका (ISIS-WA) का गठन 2015 में तब हुआ था, जब बोको हराम ने ISIS के प्रति निष्ठा जताई। यह संगठन क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों, नागरिक सुरक्षा बलों, सरकारी कर्मियों और बुनियादी ढांचे पर हमले करता रहा है और अक्सर ईसाइयों को निशाना बनाता है।
इससे पहले 19 दिसंबर को अमेरिकी और जॉर्डन की सेनाओं ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें 100 से अधिक सटीक-निर्देशित हथियारों से 70 से अधिक ISIS ठिकानों को निशाना बनाया गया, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा।
अमेरिकी हमले पर सामने आई नाइजीरिया की प्रतिक्रिया
नाइजीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता के लिए पारस्परिक सम्मान और क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा के साझा संकल्पों के अनुरूप इस सहयोग के तहत खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान और रणनीतिक समन्वय किया गया। मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘किसी भी तरह की आतंकवादी हिंसा नाइजीरिया के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। चाहे वह ईसाइयों, मुसलमानों या किसी अन्य समुदाय के खिलाफ हो।’’