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क्या युद्ध का एक नया मोर्चा खुल रहा? इस बार किम जोंग उन को काबू करने का पूरा प्लान तैयार, अमेरिका का साथ देगा ये देश

North Korea Nuclear Disarmament: टोक्यो में हुई अमेरिका और जापान की महा-बैठक में उत्तर कोरिया को लेकर बड़ा संकल्प लिया गया है।

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किम जोंग उन के खिलाफ अमेरिका और जापान ने कसी कमर, उत्तर कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम को कुचलने का संकल्प

US Japan Joint Defence Talks Tokyo: पश्चिम एशिया में ईरान पर नकेल कसने के बाद अब अमेरिका और उसके सबसे करीबी सहयोगी जापान ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तबाही का सामान जुटा रहे उत्तर कोरिया (North Korea) को सीधे निशाने पर ले लिया है। टोक्यो में हुई एक बेहद हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील सैन्य बैठक के बाद अमेरिका और जापान ने दो टूक शब्दों में ऐलान किया है कि वे उत्तर कोरिया का 'पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण' कराकर ही दम लेंगे।

जापान के विदेश मंत्रालय में सोमवार और मंगलवार को दो दिनों तक चली 'एक्सटेंडेड डिटरेंस डायलॉग' में दोनों देशों ने साफ कर दिया कि सनकी तानाशाह किम जोंग उन की परमाणु ब्लैकमेलिंग को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रूस और चीन को भी लपेटे में लिया; 'क्लोज्ड इश्यू' मानने से इनकार

इस रक्षा वार्ता के बाद जारी एक बेहद कड़े संयुक्त बयान में अमेरिका और जापान ने रूस और चीन के रवैये पर भी तीखा हमला बोला।

रूस को करारा जवाब: हाल ही में रूस ने बयान दिया था कि उत्तर कोरिया का परमाणु संपन्न देश बनना अब एक 'बंद मुद्दा' है और दुनिया को इसे स्वीकार कर लेना चाहिए। अमेरिका और जापान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह मुद्दा कभी बंद नहीं हो सकता और किम जोंग को अपने परमाणु हथियार सरेंडर करने ही होंगे।

चीन की गुप्त तैयारी पर चिंता: बैठक में चीन द्वारा बेहद गुपचुप तरीके से किए जा रहे परमाणु हथियारों के भारी-भरकम निर्माण पर भी गहरी चिंता जताई गई।

अमेरिका आधुनिक करेगा अपनी 'परमाणु ताकत', जापान देगा साथ

क्षेत्र में बढ़ रहे परमाणु खतरे को देखते हुए अमेरिका ने इस बैठक में अपनी न्यूक्लियर ताकतों को आधुनिक और हालात के मुताबिक ढालने की रणनीति साझा की। वहीं, जापान ने परमाणु हथियारों की होड़ को रोकने और जोखिमों को कम करने के लिए चीन और रूस के साथ कूटनीतिक पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की।

इस बैठक में अमेरिकी और जापानी विदेश मंत्रालयों के अलावा यूएस स्ट्रेटेजिक कमांड, इंडो-पैसिफिक कमांड और यूएस फोर्सेज जापान के शीर्ष सैन्य कमांडर शामिल थे, जो यह साफ दिखाता है कि यह सिर्फ एक बातचीत नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर एक बड़े सैन्य एक्शन की रूपरेखा है।

वियना से भी आई बड़ी चेतावनी: 'परमाणु ताकत बढ़ाना बर्दाश्त नहीं'

सिर्फ टोक्यो ही नहीं, बल्कि वियना में चल रही अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की बैठक में भी अमेरिका के अंतरिम राजदूत हॉवर्ड सोलोमन ने उत्तर कोरिया को चेताया। सोलोमन ने कहा, 'किम जोंग उन द्वारा पिछले हफ्ते परमाणु सामग्री बनाने के लिए नए सेंट्रीफ्यूज का प्रदर्शन करना और परमाणु ताकत को 'एक्सपोनेंशियल रेट' (तेजी से) बढ़ाने की धमकी देना बेहद खतरनाक है। उत्तर कोरिया लगातार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा खतरे में है। हम दक्षिण कोरिया और जापान के साथ मिलकर इस आक्रामकता को कुचलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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