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US Iran War: क्या ‘केमिकल वॉरफेयर’ पर उतर आया अमेरिका? ईरान का आरोप- ऊर्जा ठिकानों पर हमला कर रही अमेरिकी सेना

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई (Esmaeil Baqaei) ने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईंधन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिससे हवा में जहरीले पदार्थ फैलने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने इसे ‘केमिकल वॉरफेयर’ बताते हुए युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया। वहीं रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉक पर नियंत्रण के लिए अमेरिकी और इजरायली स्पेशल फोर्स भेजने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।

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अमेरिका ने ईरान के खिलाफ रासायनिक हथियार का इस्तेमाल किया: इस्माइल बाकाई

US Iran War: अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य संघर्ष हर बीते वक्त के साथ और खतरनाक होता जा रहा है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई (Esmaeil Baqaei) ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है।

इस्माइल बाकाई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स जानकारी देते हुए बताया कि ईंधन भंडारण केंद्रों और डिपो को निशाना बनाकर ऐसे हमले किए जा रहे हैं, जिनसे हवा में खतरनाक और जहरीले पदार्थ फैल सकते हैं। उनके मुताबिक इससे न सिर्फ आम नागरिकों की सेहत को खतरा है बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो सकता है। इस्माइल बाकाई ने आरोप लगाया है कि इससे ‘केमिकल वॉरफेयर’ का खतरा बढ़ गया है।

बकाई ने आरोप लगाया कि इन हमलों के कारण हवा में विषैले तत्व फैल रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

यह मानवता के खिलाफ अपराध है: इस्माइल बाकाई

उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की पर्यावरणीय और मानवीय तबाही का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके क्षेत्रीय प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन हमलों को युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार की श्रेणी में बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।

क्या US, इजरायल उतारेंगे ईरान में स्पेशल फोर्स?

बता दें कि ट्रंप, ईरान में अमेरिकी सेना भेजने की सोच रहे हैं। एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि US और इजरायल तेहरान के 450 किलोग्राम एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉक पर कंट्रोल करने के लिए ईरानी इलाके में स्पेशल फोर्स भेजने की पॉसिबिलिटी पर बात कर रहे हैं।

ऐसा अंदाजा है कि ईरान के पास अपनी अंडरग्राउंड न्यूक्लियर साइट्स पर 60% तक एनरिच्ड 450 किलोग्राम यूरेनियम का स्टॉक है। इसे 90 परसेंट तक एनरिच्ड किया जा सकता है, जिसका इस्तेमाल न्यूक्लियर वेपन बनाने के लिए किया जा सकता है।

अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों का मानना है कि ईरान अभी भी बहुत 'नैरो एक्सेस पॉइंट' के जरिए फ्यूल को एक्सेस और मूव कर सकता है। पहले ऐसा माना जाता था कि एनरिच्ड यूरेनियम पिछले साल के स्ट्राइक के दौरान US स्ट्राइक के दौरान जमीन के नीचे दबा दिया गया था। खबर है कि CIA ईरानी साइड से यूरेनियम निकालने की किसी भी कोशिश के लिए फैसिलिटी पर पैनी नजर रख रही है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमार author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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