दुनिया

अमेरिका के CIA अधिकारी ने लीक किया था ईरान पर इजराइली हमले का प्लान, FBI ने किया गिरफ्तार

Israel Iran War: यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योकिं जो गोपनीय दस्तावेज लीक हुए हैं, वे केवल फाइव आइज़ के बीच साझा किए जा सकते थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि लीक किए गए दस्तावेजों में उल्लेख किया गया है कि इजराइल एक अक्टूबर को ईरान द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल से किये गए हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई करने के लिए अब भी सैन्य साजो-सामान तैनात कर रहा है।

Image

एफबीआई ने सीआईए अधिकारी को किया गिरफ्तार।

Photo : iStock

Israel Iran War: दुनिया की नजरें इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हुई हैं। इस बीच खबर है कि ईरान पर इजराइली हमले का प्लान अमेरिका से लीक हुआ था। खुफिया एजेंसी CIA के एक अधिकारी ने ईरान पर हमला करने की इजराइल की योजनाओं का आकलन करने वाली गोपनीय जानकारी लीक कर दी थी। अधिकारी की पहचान आसिफ विलियम रहमान के तौर पर हुई है, जिसके बाद एफबीआई (FBI) ने उसे कंबोडिया से गिरफ्तार कर लिया है।

सीआईए अधिकारी आसिफ विलियम रहमान के खिलाफ पिछले सप्ताह वर्जीनिया की अदालत में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी सूचना को जानबूझकर प्रसारित करने के दो मामलों में आरोप तय किए गए। अमेरिकी कानून के तहत यह गंभीर आरोप हैं और उसे लंबे समय के लिए कारावास की सजा हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि रहमान ने मुकदमा लड़ने के लिए कोई वकील रखा है या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि उसकी पहुंच शीर्ष स्तर की गुप्त जानकारी तक थी।

सिर्फ फाइव आइज को साझा किए जा सकते थे दस्तावेज

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योकिं जो गोपनीय दस्तावेज लीक हुए हैं, वे केवल फाइव आइज़ के बीच साझा किए जा सकते थे। फाइव आइज अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया का समूह है जो खुफिया जानकारी साझा करते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये दस्तावेज नेशनल जियोस्पेशियल-इंटेलिजेंस एजेंसी द्वारा तैयार किए गए हैं, जो अमेरिकी जासूसी उपग्रहों द्वारा एकत्र की गई तस्वीरों और सूचनाओं का विश्लेषण करती है।

खुफिया दस्तावेजों में था 1 अक्टूबर के हमले का जिक्र

आरोपी रहमान पर ये आरोप राष्ट्रीय भू-स्थानिक खुफिया एजेंसी और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी से जुड़े दस्तावेज पिछले महीने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के एक चैनल पर प्रसारित किये जाने के आधार पर लगाए गए हैं। दस्तावेजों में उल्लेख किया गया है कि इजराइल एक अक्टूबर को ईरान द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल से किये गए हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई करने के लिए अब भी सैन्य साजो-सामान तैनात कर रहा है। इजराइल ने अक्टूबर के उत्तरार्ध में ईरान के कई ठिकानों पर जवाबी हमला किया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article