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'यमन में अमेरिका ने बरपाया कहर और लील ली 74 जानें, 171 अन्य घायल', हूती विद्रोहियों का दावा

US Air Strikes: यमन के हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को दावा किया कि तेल बंदरगाह को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है जबकि 171 अन्य घायल हैं। ​​यह हमला 15 मार्च से जारी अमेरिकी हवाई हमलों की श्रृंखला में सबसे घातक हमलों में से एक था।

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अमेरिकी हवाई हमलों में 38 लोगों की मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

US Air Strikes: यमन के हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को दावा किया कि तेल बंदरगाह को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है जबकि 171 अन्य घायल हैं। यमन की राजधानी सना में विद्रोहियों के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी में रात भर किए गए हमलों से हुई तबाही का उल्लेख किया गया है, जिसमें ईंधन ट्रकों में आग लग गई और रात के समय आसमान में आग के गोले धधक उठे।

यह हमला 15 मार्च से जारी अमेरिकी हवाई हमलों की श्रृंखला में सबसे घातक हमलों में से एक था। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने हमलों की पुष्टि की है, लेकिन हताहतों के बारे में पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

हूती विद्रोहियों द्वारा इजराइल पर दागी गई मिसाइल

इजराइली की सेना ने बताया कि शुक्रवार को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा इजराइल की ओर एक मिसाइल दागी गई, जिसे इजराइली सेना द्वारा बीच में ही रोक लिया गया। सेना ने बताया कि मिसाइल हमले के कारण तेल अवीव और आसपास के इलाकों में सायरन बजने लगे। इस बीच, अमेरिका ने आरोप लगाया कि एक चीनी उपग्रह कंपनी हूती हमलों का सीधे समर्थन कर रही थी। इस आरोप को बीजिंग ने तुरंत स्वीकार नहीं किया। हूतियों के अल-मसीरा उपग्रह समाचार चैनल ने रास ईसा बंदरगाह पर हमले के बाद की ग्राफिक फुटेज प्रसारित की, जिसमें घटनास्थल पर लाशें बिखरी दिखाई दे रही थीं। इसने कहा कि बंदरगाह पर अर्द्धचिकित्सक और असैन्य कर्मचारी हमले में मारे गए। चैनल ने भी कहा कि हमले से भीषण विस्फोट हुआ और आग लग गई।

सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान समर्थित हूती आतंकवादियों के लिए ईंधन के स्रोत को खत्म करने और उन्हें अवैध राजस्व से वंचित करने के लिए कार्रवाई की, जिसने 10 से अधिक वर्षों से पूरे क्षेत्र को आतंकित करने के हूती प्रयासों को वित्तपोषित किया है। इसने कहा कि इस हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था, जो सही मायने में हूती आतंक से मुक्ति और शांति से रहना चाहते हैं। सेंट्रल कमांड ने किसी के भी हताहत होने की बात स्वीकार नहीं की और जब एसोसिएटेड प्रेस ने नागरिकों के मारे जाने की कथित घटना के बारे में पूछा तो टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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