'वास्तविक संयुक्त राष्ट्र बन गया अमेरिका', थाईलैंड-कंबोडिया सीजफायर को लेकर ट्रंप ने खुद की थपथपाई पीठ
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Dec 28, 2025, 10:34 PM IST
Thailand Cambodia Ceasefire: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच तत्काल संघर्षविराम की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका ही 'वास्तविक' संयुक्त राष्ट्र बन गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हमेशा की तरह युद्धों को समाप्त करने में मदद करने पर गर्व महसूस करता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो साभार: AP)
Thailand Cambodia Ceasefire: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच तत्काल संघर्षविराम की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका ही 'वास्तविक' संयुक्त राष्ट्र बन गया है और विश्व स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में इस वैश्विक संस्था की भूमिका बहुत कम रही है।
ट्रंप ने क्या कुछ कहा?
ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, ''मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी लड़ाई फिलहाल रुक जाएगी और वे हाल ही में हुए मूल समझौते के अनुसार शांति से रहना शुरू कर देंगे।'' ट्रंप ने दोनों देशों के महान नेताओं को इस त्वरित और बहुत ही निष्पक्ष निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए उनके विवेक की सराहना की।
उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा की तरह युद्धों को समाप्त करने में मदद करने पर गर्व महसूस करता है। साथ ही उन्होंने विश्व भर में संघर्षों को सुलझाने में संयुक्त राष्ट्र की 'विफलता' की आलोचना की। उन्होंने व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले आठ महीनों में आठ युद्धों को समाप्त करने का श्रेय भी फिर से लिया।
थाईलैंड-कंबोडिया के बीच संघर्षविराम का ऐलान
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हफ्तों की लड़ाई के बाद अंतत: शनिवार को सुलह हो गई। दोनों देशों ने संघर्ष को खत्म करने के लिए एक नए संघर्षविरामसमझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत न केवल सीमा पर लड़ाई को पूरी तरह रोकने पर सहमति बनी है, बल्कि दोनों देशों ने किसी भी तरह की नई सैन्य गतिविधि न करने और सैन्य उद्देश्यों के लिए एक-दूसरे के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन न करने का भी वादा किया है।
समझौते की एक अहम शर्त यह भी है कि सीजफायर के 72 घंटे सफलतापूर्वक लागू रहने के बाद थाईलैंड, जुलाई में हुई झड़पों के दौरान पकड़े गए 18 कंबोडियाई सैनिकों को वापस भेजेगा। इन सैनिकों की रिहाई कंबोडिया की ओर से लंबे समय से की जा रही प्रमुख मांगों में से एक रही है।