Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच बीते दो साल से युद्ध जारी है। इस दौरान दोनों देशों ने एक दूसरे को नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्टों की मानें तो रूस के मुकाबले यूक्रेन को ज्यादा क्षति पहुंची है। ताकतवर रूस का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन को अमेरिका और नाटो के देशों से सैन्य एवं आर्थिक सहायता मिलती रही है। खासतौर से अमेरिका से मिले हथियारों की बदौलत ही वह रूस के खिलाफ टिका हुआ है। रिपोर्टों की मानें तो अमेरिका ने चुपके से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें दी हैं। इसकी पुष्टि अमेरिकी अधिकारियों ने की है
अमेरिका के ये हथियार इसी महीने पहुंचे लेकिन यूक्रेन की सुरक्षा को देखते हुए इनके बारे में कोई घोषणा नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि क्रीमिया में रूसी ठिकानों को निशाना बनाना के लिए एक बार इन हथियारों का इस्तेमाल भी हो चुका है। यही नहीं, कीव की मदद के लिए और भी अमेरिकी सहायता आ रही है। जानकार मानते हैं कि अमेरिकी मिसाइलों से यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को खतरा बढ़ा तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।
बैलिस्टिक मिसाइलों की क्षमता 300 किलोमीटर
पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल गैरॉन गार्न ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपति बाइडन ने फरवरी में यूक्रेनी क्षेत्र में इस्तेमाल के लिए लंबी दूरी की ‘आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम’ (एटीएसीएमएस) की आपूर्ति को गुप्त रूप से मंजूरी दे दी थी। गार्न ने यूक्रेन की सेना द्वारा इनके इस्तेमाल के बारे में सवालों को टालते हुए कहा, ‘उस समय यह घोषणा नहीं की गई थी कि हम यूक्रेन को उसके अनुरोध पर यह नई मिसाइल प्रणाली प्रदान कर रहे हैं।’बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता 300 किलोमीटर तक होती है।
ईरान ने रूस को ड्रोन भेजे
बाइडन ने यूक्रेन और इजराइल को मदद देने तथा ताइवान समेत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 95.3 अरब अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज संबंधी विधेयक पर बुधवार को हस्ताक्षर किए। उन्होंने विधेयक पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा, ‘पुतिन (रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन) के मित्र उन्हें लगातार साजो-सामानों की आपूर्ति कर रहे हैं। ईरान ने उन्हें ड्रोन भेजे। उत्तर कोरिया ने बैलेस्टिक मिसाइल और तोप के गोले भेजे हैं, चीन रूस के रक्षा उत्पादन को बढ़ाने के लिए उपकरण एवं प्रौद्योगिकी मुहैया करा रहा है।’
हवाई हमले तेज किए
बाइडन ने कहा, ‘इस प्रकार का सहयोग मिलने पर रूस ने यूक्रेनी शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले तेज कर दिए हैं। उसने अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहे यूक्रेन के जवानों पर गोला-बारूद बरसाएं हैं और अब अमेरिका यूक्रेन को युद्ध में अपनी रक्षा करने और तेजी से पलटवार करने के लिए आवश्यक साजो सामान की आपूर्ति करने जा रहा है।’ इसके कुछ घंटों बाद अमेरिका ने पोतों और विमानों के जरिए यूक्रेन को हवाई रक्षा सामग्री, रॉकेट प्रणाली और बख्तरबंद वाहन भेजने शुरू कर दिए।
बाइडन का आरोप रूस को मदद दे रहे चीन और ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘यह पैकेज न केवल यूक्रेन की रक्षा में बल्कि यूरोप की रक्षा और हमारी अपनी सुरक्षा के लिए निवेश सरीखा है।’ बाइडन ने आरोप लगाया कि चीन, ईरान और उत्तर कोरिया रूस को हथियार और प्रौद्योगिकी की आपूर्ति कर रहे हैं। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में मदद के लिए अमेरिका का आभार व्यक्त किया है।
