रूस और यूक्रेन की जंग अब एक अलग मोड़ पर दिख रही है। यह जंग अब परमाणु हथियारों की ओर जाती दिख रही है। दो दिन पहले ही अमेरिका ने लंबी दूरी की मिसाइलों पर लगे प्रतिबंध से यूक्रेन को आजाद किया था। जिसके बाद अब यूक्रेन ने यह हमला किया है। उधर ऐसे हमले की आशंका को लेकर ही पुतिन ने रूस के परमाणु हथियारों के उपयोग को लेकर बने नियम में बदलाव किया है।
हमले में कोई हताहत नहीं
मॉस्को ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन ने रूस के ब्रांस्क क्षेत्र में अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई छह लंबी दूरी की मिसाइलें दागी हैं। ATACMS के रूप में जानी जाने वाली आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम का पहली बार रूस के खिलाफ इस्तेमाल हुआ है। यूक्रेनी सेना से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल ने मंगलवार को एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन में एक अज्ञात स्थान से अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई ATACMS मिसाइलों को दागा जा रहा है। रूसी समाचार एजेंसियों द्वारा दिए गए एक बयान में, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेना ने पांच ATACMS मिसाइलों को मार गिराया और एक और को क्षतिग्रस्त कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि टुकड़े एक अनिर्दिष्ट सैन्य सुविधा के क्षेत्र में गिरे। गिरने वाले मलबे से आग लग गई, लेकिन इससे कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ, मंत्रालय ने कहा।
रूस की परमाणु नीति
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को एक नयी परमाणु नीति पर हस्ताक्षर किए, जिसमें घोषणा की गई है कि किसी भी परमाणु शक्ति द्वारा समर्थित देश अगर रूस पर हमला करता है तो इसे उनके देश पर संयुक्त हमला माना जाएगा। पुतिन ने परमाणु निवारक संबंधी नयी नीति का अनुमोदन 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन में सैनिकों को भेजने वाले हमले के 1,000वें दिन पर किया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के उस फैसले के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने यूक्रेन को अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई लंबी दूरी की मिसाइलों से रूस के अंदर लक्ष्यों पर हमला करने की अनुमति दी थी।
