UAE News: ईरान हमेशा से ही कहता आ रहा है कि उसके पड़ोसी देशों को अमेरिकियों को बाहर कर देना चाहिए। उनके देशों में अमेरिका का सैन्य अड्डे नहीं होने चाहिए। जहां अब इसपर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। क्या ईरान युद्ध के बाद US-UAE के रिश्तों में दरार आ गई है? पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हालिया तनाव के बाद, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि इस खाड़ी देश में अमेरिकी मिलिट्री बेस होने चाहिए भी या नहीं। UAE में अमेरिका से जुड़ी जगहों पर ईरान के हमलों के बाद यह चर्चा और तेज हो गई। UAE के कमेंटेटर अब्दुलखालेक अब्दुल्ला ने तर्क दिया है कि अमेरिकी मिलिट्री ठिकाने अब देश के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं रह गए हैं।
UAE के कमेंटेटर अब्दुलखालेक अब्दुल्ला ने कहा, 'अब समय आ गया है कि अमेरिकी मिलिट्री बेस को बंद करने पर विचार किया जाए; ये बेस अब रणनीतिक संपत्ति नहीं रहे, बल्कि एक बोझ बन गए हैं।'
X पर एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि UAE ने हालिया ईरानी हमले के दौरान यह साबित कर दिया है कि वह अपनी रक्षा खुद कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि देश को अपनी सुरक्षा के लिए अब अमेरिका की उतनी जरूरत नहीं है, जितनी पहले हुआ करती थी।
उन्होंने कहा, 'आज मैंने रॉयटर्स से यही कहा: UAE को अब अपनी रक्षा के लिए अमेरिका की जरूरत नहीं है, क्योंकि ईरानी हमले के दौरान उसने यह साबित कर दिया है कि वह अपनी रक्षा खुद करने में पूरी तरह सक्षम है।' उन्होंने यह भी कहा कि भले ही UAE अभी भी अमेरिका से आधुनिक हथियार लेता रहे, लेकिन अब वहां अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मौजूदगी जरूरी नहीं है।
अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि UAE की प्राथमिकता विदेशी सैन्य ठिकानों को जगह देने के बजाय आधुनिक और उन्नत सैन्य उपकरण हासिल करना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को उपलब्ध सबसे बेहतरीन तकनीक का इस्तेमाल करके अपने रक्षा तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, यह तरीका राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करेगा।
ईरान ने UAE में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर हमला किया
यह बहस तब शुरू हुई जब ईरान ने क्षेत्र में बढ़े तनाव के दौरान UAE में अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन दावों के अनुसार, अल मिन्हाद के पास स्थित एक अमेरिकी कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया था और ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि इस हमले में अमेरिकी सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अमेरिका ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ईरान ने UAE के साथ-साथ बहरीन, इराक और कुवैत जैसे कई देशों में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया था। यह सब मौजूदा संघर्ष के दौरान पूरे क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच हुआ। UAE ने कहा कि इस घटना के दौरान उसने बड़ी संख्या में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया।
