यूरोप में जंगलों की भीषण आग के बीच ग्रीस की राजधानी एथेंस के पश्चिम में स्थित पोर्टो जर्मेनो इलाके में रविवार को आग बुझाने में लगे दो हेलिकॉप्टर हवा में आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद एक हेलिकॉप्टर जमीन पर गिर गया। दोनों हेलिकॉप्टरों में दो-दो चालक दल के सदस्य सवार थे। हादसे के बाद ग्रीक दमकल विभाग ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल चालक दल के सदस्यों की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
यूरोप में जंगलों की भीषण आग के बीच ग्रीस में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। राजधानी एथेंस के पश्चिम में स्थित पोर्टो जर्मेनो इलाके में आग बुझाने के अभियान के दौरान दो फायरफाइटिंग हेलिकॉप्टर हवा में आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद एक हेलिकॉप्टर नीचे गिर गया, जबकि दूसरे हेलिकॉप्टर को भी नुकसान पहुंचा। दोनों हेलिकॉप्टरों में दो-दो चालक दल के सदस्य सवार थे। ग्रीक फायर सर्विस ने बताया कि दुर्घटना के बाद तत्काल सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों हेलिकॉप्टर बेल 214ST मॉडल के थे। इनमें ये भी बताया गया है कि हादसे में एक पायलट की मौत हो गई है। वहीं, चालक दल के बाकी सदस्य एक घाटी में घायल अवस्था में मिले हैं, उन्हें सेना के अस्पताल में पहुंचाया गया है।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब यूरोप कई देशों में फैली भीषण जंगल की आग से जूझ रहा है। ग्रीस, फ्रांस और स्पेन में हजारों दमकलकर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तेज हवाएं और भीषण गर्मी राहत कार्य में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
ग्रीस में सबसे गंभीर स्थिति
जंगलों में आग को लेकर ग्रीस में सबसे बुरी स्थिति है। यहां के पश्चिमी अटिका क्षेत्र में जंगल की आग तेजी से फैल रही है। आग मेगारा के औद्योगिक क्षेत्र और आसपास की बस्तियों तक पहुंच गई है। तेज हवाओं के कारण हेलिकॉप्टरों को समुद्र से पानी भरने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कांडिली, अगिया स्केपी और तुतुली समेत कई इलाकों को खाली करा लिया है।पोर्टो जर्मेनो के तटीय इलाके में शुक्रवार से लगी आग लगातार पहाड़ी जंगलों की ओर बढ़ रही है। अब तक सैकड़ों लोगों को समुद्र के रास्ते सुरक्षित निकाला जा चुका है। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है और सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। इसी सप्ताह ग्रीस में आग बुझाने के दौरान तीन दमकलकर्मियों की मौत भी हो चुकी है, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फ्रांस और स्पेन में भी संकट
फ्रांस में पिछले 10 दिनों के दौरान देश की सबसे बड़ी जंगल की आग ने 420 वर्ग किलोमीटर से अधिक वन क्षेत्र को तबाह कर दिया है। आग की वजह से 2.24 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े, जिसे युद्धकाल के बाद देश का सबसे बड़ा नागरिक निकासी अभियान माना जा रहा है। हालांकि आग के फैलाव पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, लेकिन हजारों लोग अभी भी अपने घर नहीं लौट सके हैं। करीब 3,000 दमकलकर्मी मौके पर तैनात हैं और कई देशों से अतिरिक्त राहत दल भी पहुंच रहे हैं।दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के प्रोवेंस क्षेत्र में भी एक अलग जंगल की आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी है। यहां करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
जलवायु परिवर्तन बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है। यूरोपीय संघ की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, 1980 के दशक के बाद से यूरोप का तापमान वैश्विक औसत की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मानवजनित जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी, लंबे सूखे और तेज हवाओं ने जंगल की आग की घटनाओं को पहले से कहीं अधिक विनाशकारी बना दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में पूरे यूरोप में रिकॉर्ड 10,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र जंगल की आग की चपेट में आया था। वहीं पिछले चार दशकों में महाद्वीप में वाइल्डफायर से करीब 800 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में मौजूदा संकट ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
