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'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के बहाने ईरान को ट्रंप की दो टूक: ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने देंगे, हमला हुआ तो दुनिया से मिटा देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की 7 बोट्स को नष्ट कर दिया है और यदि अमेरिकी जहाजों पर हमला हुआ तो ईरान को दुनिया से मिटा दिया जाएगा।

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ट्रंप का एक्शन

Photo : AP

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव को लेकर अपनी चेतावनियों को और कड़ा कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को एक साक्षात्कार और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ट्रंप ने ईरान को विनाशकारी परिणाम भुगतने की धमकी दी है।

"दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा ईरान"

फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (Project Freedom) में शामिल अमेरिकी जहाजों पर हमला किया, तो उसे "पृथ्वी के चेहरे से मिटा दिया जाएगा" (Blown off the face of the Earth)। उन्होंने व्हाइट हाउस स्मॉल बिजनेस समिट में बोलते हुए अमेरिकी आर्थिक प्रदर्शन को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा और तर्क दिया कि परमाणु विस्तार को रोकने के लिए ईरान पर निरंतर दबाव जरूरी है।

सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और ईरान की कमजोरी

ट्रंप ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य स्थिति का वर्णन करते हुए दावा किया कि अमेरिकी सेना के पास जबरदस्त श्रेष्ठता है। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता पर कटाक्ष करते हुए कहा, "उनके पास न नौसेना है, न वायुसेना, न रडार और न ही एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण।" ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि ईरान का नेतृत्व ढांचा काफी कमजोर हो गया है और उनके नेता अब मौजूद नहीं हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक भी साझा किया जिसमें अमेरिकी और ईरानी सैन्य क्षमताओं की तुलना की गई थी। इस चित्र में अमेरिकी बलों को "100% परिचालन में" दिखाया गया, जबकि ईरानी संपत्तियों को "नष्ट" दिखाया गया। ग्राफिक में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की तस्वीर पर लाल "X" का निशान था और उन्हें "मरा हुआ" बताया गया था।

प्रोजेक्ट फ्रीडम: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ता तनाव

राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी बलों ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास ईरान से जुड़े सात छोटे जहाजों (फास्ट बोट्स) को नष्ट कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज सहित "असंबंधित देशों" को निशाना बनाया है। ट्रंप ने सुझाव दिया कि अब समय आ गया है कि दक्षिण कोरिया भी इस अमेरिकी मिशन में शामिल हो।

महत्वपूर्ण घटनाक्रम क्या हुए

दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में दक्षिण कोरिया की HMM कंपनी द्वारा संचालित एक पनामा-ध्वज वाले जहाज में विस्फोट के बाद आग लग गई। इस जहाज पर 24 चालक दल के सदस्य सवार थे, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

प्रोजेक्ट फ्रीडम की शुरुआत: यह मिशन रविवार को लॉन्च किया गया था। अमेरिकी मीडिया (WSJ, CNN, Axios) ने बताया कि ट्रंप इस मिशन के लिए 'एस्कॉर्ट' (Escort) के बजाय 'गाइड' (Guide) शब्द का उपयोग कर रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस: अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन मंगलवार सुबह इस घटनाक्रम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

बातचीत की गुंजाइश?

इन तनावों के बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने पुष्टि की है कि अधिकारी वर्तमान में संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से अमेरिका के एक जवाबी प्रस्ताव का आकलन कर रहे हैं। ट्रंप ने भी संकेत दिया कि बातचीत में ईरान का रुख अब "बहुत अधिक लचीला" (Malleable) हो गया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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