Trump address on US pilot resque mission in Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान में हमारा एक पायलट फंसा हुआ है, उसकी जानकारी उनके प्रशासन के कुछ चुनिंदा लोगों को थी, लेकिन यह जानकारी मीडिया में लीक हुई। यह जानकारी ट्रंप प्रशासन में से किसने अखबार को लीक की, इसके बारे में पता लगाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ट्रंप ने अखबार का नाम तो नहीं लिया लेकिन उन्होंने कहा कि पायलट के ईरान में होने की खबर किस समाचार पत्र ने दी यह सभी को पता है। ट्रंप ने कहा कि अखबार से कहा जाएगा कि खबर लीक करने वाले के बारे में बताओ या जेल जाने के लिए तैयार रहो।
जानकारी सौंप दो या जेल जाने के लिए तैयार रहो-ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि ईरान को तब तक पता नहीं चला कि कोई लापता है, जब तक कि किसी लीक करने वाले ने यह जानकारी नहीं दे दी। उन्होंने कहा कि हम उस मीडिया कंपनी के पास जाएंगे जिसने इसे प्रकाशित किया है, और हम उनसे कहेंगे कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है या तो जानकारी सौंप दो, या जेल जाने के लिए तैयार रहो!' आप जानते हैं कि हम किसकी बात कर रहे हैं। अमरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि खबर लीक करने वाले को ढूंढना होगा।
ट्रंप के संबोधन की बड़ी बातें
- ईरान से दोनों पायलट को सुरक्षित निकाला
- ऑपरेशन के लिए 21 विमान भेजे गए थे
- हम दुश्मन के इलाके में अंदर तक घुसे
- सबसे कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया
- हमारी जैसी सेना किसी के पास नहीं
- हमारे पायलट को ईरानी पकड़ नहीं सके
- घायल एयमैन चट्टानों पर चढ़ा था
- पायलट ने अपने जख्मों पर मरहम पट्टी की
- 200 लोगों ने एक सैनिक का रेस्क्यू किया
- एक रात में ईरान को खत्म कर सकते हैं
- दुनिया में अमेरिका जैसे हथियार नहीं
- हमने प्लान बी में ईरान को उलझाए रखा
- ईरान ट्रैप में फंसा, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ
यह एक जटिल मिशन था
ईरान में चलाए गए यूएस ऑपरेशन के बारे में बताते हुए ट्रंप ने कहा कि बहुत ही जटिल मिशन था लेकिन इसे अमेरिकी सेना ने सफलता पूर्वक कर दिखाया। उन्हें अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA पर गर्व है। ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि वह चाहें तो ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं, वह रात कल भी हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में चलाए गए अपने इस मिशन के बारे में विस्तार से बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका जैसी सेना दुनिया में किसी के पास नहीं है।
ट्रंप ने कहा-रेस्क्यू ऑपरेशन में 155 विमान शामिल थे
ट्रंप ने 'कहा कि यह एक मुश्किल फैसला था और इसमें जोखिम भी था। हमारे 100 सैनिक मारे जा सकते थे, न कि सिर्फ एक। हमारे लड़ाकू विमानों को बहुत करीब से गोलीबारी का सामना करना पड़ा। लेकिन हम किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ते।' ट्रंप ने आगे कहा कि दूसरे बचाव अभियान में 4 बॉम्बर, 64 फाइटर, 48 रीफ्यूलिंग टैंकर, 13 बचाव विमान और अन्य सहित 155 विमान शामिल थे। F-15 का वह बहादुर वेपन सिस्टम्स ऑफिसर ईरान की धरती पर लगभग 48 घंटों तक पकड़े जाने से बचता रहा।'
