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विश्व की सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली ये बहुत छोटी कीमत है, तेल के दाम में भारी बढ़ोतरी पर ट्रंप की दलील

सीएनएन बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं जो 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है, जिसके बाद ट्रंप ने आशंकाओं को कम करने के लिए ये टिप्पणियां की हैं।

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ट्रंप बोले, ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करना जरूरी

Photo : ANI

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में आई तेजी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर इससे तेहरान का परमाणु खतरा समाप्त हो जाता है, तो यह अल्पकालिक उछाल जायज है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने तर्क दिया कि ईरान की परमाणु क्षमता नष्ट होने के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी, और कहा कि केवल मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे। इसे अमेरिकी और विश्व सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक छोटी कीमत बताते हुए ट्रंप ने लिखा, अल्पकालिक तेल की कीमतें, जो ईरान के परमाणु खतरे के विनाश के बाद तेजी से गिरेंगी, अमेरिका और विश्व की सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक बहुत छोटी कीमत है। सिर्फ मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे!

तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंची

सीएनएन बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं जो 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है, जिसके बाद ट्रंप ने आशंकाओं को कम करने के लिए ये टिप्पणियां की हैं। सीएनएन बिजनेस के अनुसार, निवेशकों ने चिंता जताई है कि ईरान के साथ संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल के प्रवाह पर लंबे समय तक प्रतिबंध लग सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के साथ संघर्ष में पश्चिम एशिया और खाड़ी के अन्य देशों के शामिल होने से तेल और गैसोलीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिनमें क्षेत्र में रिफाइनरियों पर हमले भी शामिल हैं।

अमेरिकी तेल बाजार पर बड़ा असर

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि अमेरिकी तेल वायदा 18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया - जो 19 जुलाई, 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है, जबकि वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट वायदा 16 प्रतिशत बढ़कर 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। सीएनएन बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में तेल की बढ़ती कीमतों का शेयरों पर भारी दबाव रहा है, क्योंकि व्यापारियों को आशंका है कि ईंधन की कीमतों में लंबे समय तक वृद्धि से मुद्रास्फीति में एक और उछाल आ सकता है और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डॉव वायदा 800 से अधिक अंक, या 1.7% गिर गया। एसएंडपी 500 और नैस्डैक वायदा 1.6% गिर गए।

ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के मद्देनजर, सीएनएन बिजनेस के अनुसार, अमेरिका में गैसोलीन की औसत कीमत रविवार को 3.45 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 16% अधिक है। इससे यह संकेत मिलता है कि तेल और गैस की कीमतों में लंबे समय तक वृद्धि से अमेरिका में लोगों के लिए ईंधन खरीदना और भी मुश्किल हो सकता है, जिससे इस साल के मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप और उनकी पार्टी की राजनीतिक स्थिति नाजुक हो सकती है। (एएनआई)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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