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कंप्यूटर चिप पर टैरिफ 100% कर सकते हैं ट्रंप, अमेरिका में महंगे हो जाएंगे इलेक्ट्रानिक उत्पाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में कंप्यूटर चिप बनाने वाली कंपनियों को आयात शुल्क में छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'अमेरिका में सभी तरह के चिप एवं सेमीकंडक्टर पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगने जा रहा है लेकिन आप इसे यदि अमेरिका में बना रहे हैं या इसे बनाने की प्रक्रिया में हैं तो आप पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा।'

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टंप। तस्वीर-AP

Photo : AP

Donald Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ को लेकर लगातार घोषणाएं कर रहे हैं। अब उन्होंने कहा है कि कंप्यूटर चिप पर वह टैरिफ 100 प्रतिशत कर सकते हैं। ट्रंप अगर ऐसा करते हैं तो अमेरिका में इलेक्ट्रानिक उत्पाद महंगे हो जाएंगे। राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा कि कंप्यूटर चिप पर वह टैरिफ 100 प्रतिशत लगाएंगे। एक्सपर्ट का कहना है कि चिप पर टैरिफ बढ़ने से अमेरिका में इलेक्ट्रानिक, ऑटो, घर में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रानिक और डिजिटल उपकरण महंगे हो जाएंगे।

ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका में कंप्यूटर चिप बनाने वाली कंपनियों को आयात शुल्क में छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'अमेरिका में सभी तरह के चिप एवं सेमीकंडक्टर पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगने जा रहा है लेकिन आप इसे यदि अमेरिका में बना रहे हैं या इसे बनाने की प्रक्रिया में हैं तो आप पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा।'

भारत पर लगाया है 25% अतिरिक्त टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा की है। उनके इस कदम को भारत ने 'अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण' करार दिया है। नई दिल्ली की यह तीखी प्रतिक्रिया ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ देर बाद आई, जिसके तहत पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत के रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का हवाला देते हुए भारतीय वस्तुओं पर नया शुल्क लगाने की बात कही गई है।

भारत-यूएस रिश्ते में आया तनाव

इससे मॉस्को के साथ नई दिल्ली के ऊर्जा संबंधों को लेकर दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच तनाव बढ़ने के संकेत मिलते हैं। ट्रंप द्वारा अतिरिक्त शुल्क लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश जारी करने के कुछ ही देर बाद, भारत ने कहा कि वाशिंगटन ने रूस से उसके तेल आयात को ‘निशाना’ बनाया है और वह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ‘सभी आवश्यक कार्रवाई’करेगा। विदेश मंत्रालय ने रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों का बचाव करते हुए कहा कि आयात बाजार कारकों पर आधारित है और देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के समग्र उद्देश्य से किया जाता है।

राष्ट्रीय हित में कदम उठाएगा भारत

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ऐसी खरीद कर रहे हैं तथा इस मुद्दे पर उसे निशाना बनाए जाने पर निराशा व्यक्त की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का हवाला देते हुए भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का कार्यकारी आदेश जारी किया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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