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ईरान के प्रस्ताव को ट्रंप ने ठुकराया, बोले-न्यूक्लियर प्रोग्राम पर डील होने तक जारी रहेगा होर्मुज में ब्लॉकेड

Axios की रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यूएस के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बातचीत पर बने गतिरोध को तोड़ने के लिए ईरान पर 'छोटे लेकिन ताकतवर' हमले की एक योजना तैयार की है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

Photo : AP

Iran Naval Blockade: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बना गतिरोध टूटने के आसार नहीं दिख रहे हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ट्रंप ने Axios से कहा है कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने वाले डील पर जब तक सहमत नहीं होता तब तक होर्मुज के बाहर उसकी नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी। ईरान चाहता है कि अमेरिका पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर से अपनी घेराबंदी हटाए। इस घेराबंदी की वजह से ईरान के जहाजों का आवागमन नहीं हो पा रहा है।

ईरान पर हमले की इजाजत दे सकते हैं ट्रंप

रिपोर्टों में कहा गया है कि इससे ईरान को भारी दिक्कत होने लगी है। वहीं, Axios की रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यूएस के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बातचीत पर बने गतिरोध को तोड़ने के लिए ईरान पर 'छोटे लेकिन ताकतवर' हमले की एक योजना तैयार की है। CENTCOM अपने हमलों में ईरान की बुनियादी संरचनाओं को निशाना बना सकता है। इन हमलों का मकसद बातचीत शुरू करने के लिए ईरान पर दबाव बनाना है। ट्रंप का कहना है कि 'ब्लॉकेड, बॉम्बिंग से ज्यादा कारगर है और वह काइनेटिक एक्शन की मंजूरी दे सकते हैं।'

ईरान युद्ध पर US के खर्च हुए 25 अरब डॉलर

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने सांसदों को बताया कि ईरान के साथ युद्ध पर अब तक अनुमानित 25 अरब डॉलर की लागत आ चुकी है। प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति की सुनवाई के दौरान युद्ध मामलों के वित्त विभाग के कार्यवाहक अवर सचिव जूल्स हर्स्ट तृतीय ने बुधवार को कहा कि इस राशि का अधिकांश हिस्सा हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि सेना ने अभियानों को चलाने और उपकरणों के प्रतिस्थापन पर भी बड़ी राशि खर्च की है।

US मरीन सैनिकों ने वाणिज्यिक जहाज पर धावा बोला

अमेरिकी मरीन सैनिकों ने अरब सागर में एक वाणिज्यिक जहाज पर धावा बोला क्योंकि उन्हें संदेह था कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकाबंदी का उल्लंघन कर ईरान जा रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि 'एम/वी ब्लू स्टार 3’ नामक इस वाणिज्यिक जहाज की तलाशी ली गई और बाद में उसे छोड़ दिया गया क्योंकि यह पुष्टि हो गई कि वह किसी ईरानी बंदरगाह की ओर नहीं जा रहा था। सेंट्रल कमान ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर लिखा कि सुबह अरब सागर में अमेरिकी मरीन सैनिकों ने ’एम/वी ब्लू स्टार 3’ नामक एक वाणिज्यिक जहाज पर धावा बोल कर कार्रवाई की।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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