Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की फिर से प्रशंसा की है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फिल्ड मार्शल एवं सेना प्रमुख आसिम मुनीर को 'महान नेता' बताया है। शरीफ और मुनीर व्हाइट हाउस पहुंचने वाले हैं जहां दोनों की मुलाकात ट्रंप से होगी। शरीफ और मुनीर व्हाइट हाउस पहुंचने वाले हैं जहां दोनों की मुलाकात ट्रंप से होगी। अपने ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और उसके फील्ड मार्शल जो कि दोनों महान नेता हैं, वे व्हाइट हाउस आ रहे हैं।'
ह्वाइट हाउस में बंद कमरे में होगी बैठक
ट्रंप वे कहा, 'फील्ड मार्शल तो बहुत ही शानदार व्यक्ति है और उन्ही तरह के प्रधानमंत्री भी। ये दोनों आ रहे हैं और इस समय वे इस कमरे में हो सकते हैं।' व्हाइट हाउस के कार्यक्रम सूची के अनुसार ओवल ऑफिस में पाकिस्तान के पीएम शहबाज के साथ ट्रंप की बैठक बंद कमरे में होनी है। बताया जा रहा है कि न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 80वें सत्र में हिस्सा लेने के बाद शहीफ व्हाइट हाउस पहुंचेंगे।
23 सितंबर को शहबाज की ट्रंप से हुई बात
23 सितंबर को, शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति और आठ इस्लामी-अरब देशों के नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद ट्रंप से अनौपचारिक बातचीत भी की। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'अनौपचारिक बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप और आठ इस्लामी-अरब देशों के नेताओं, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल था, के बीच संवाद के बाद हुई। प्रधानमंत्री शहबाज और उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री सीनेटर इसहाक डार ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चर्चा में भाग लिया।'
अब सुधर रहे हैं पाक-यूएस के रिश्ते
कई सालों के तनावपूर्ण रिश्तों के बाद, अमेरिका-पाकिस्तान संबंध तब सुधरने लगे जब इस्लामाबाद ने मई में भारत के साथ सैन्य संघर्ष के दौरान तथाकथित शांति हस्तक्षेप के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को श्रेय दिया। ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने व्यापार और टैरिफ की धमकियों का इस्तेमाल करते हुए दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों के बीच युद्धविराम कराने में मदद की। ट्रंप के इस दावे को भारत खारिज करता आया है।
ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए किया नामित
शुरुआत में पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व ने कहा था कि युद्धविराम उनके डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) द्वारा अपने भारतीय समकक्ष को सीधे प्रस्ताव देने के बाद शुरू हुआ था। हालांकि बाद में इस्लामाबाद ने अपना रुख बदला और इस सफलता का श्रेय वाशिंगटन की कोशिशों को दिया, यहां तक कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने तक की बात कही। हालांकि, हाल ही में विदेश मंत्री डार ने युद्धविराम में अमेरिका की भूमिका से इंकार कर दिया।
