इजरायली आम चुनाव के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत के दौरान अमेरिका की ओर से ईरान पर दोबारा बड़े सैन्य हमले करने के विकल्पों पर चर्चा हुई। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा की थी। ऐसे में एक ओर अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक बातचीत का रास्ता भी खुला हुआ है।
अमेरिका कूटनीति के लिए तैयार: मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत लगातार जारी है। कुछ बातचीत सीधे हो रही है, जबकि कई मामलों में मध्यस्थों की मदद ली जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वॉशिंगटन कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है, बशर्ते उससे अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों से समझौता न हो।
रुबियो के मुताबिक, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सशस्त्र संगठनों को उसका समर्थन अमेरिका की प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं। उन्होंने बातचीत की समयसीमा बताने से इनकार किया और कहा कि सैन्य कार्रवाई पर फैसला राष्ट्रपति ट्रंप को लेना है।
समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अमेरिका की चिंता
रुबियो ने ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और समुद्री व्यापार के लिए खतरा पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना क्षेत्र में ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइलों के खतरों से निपट रही है। अमेरिका की चिंता केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं है। खाड़ी क्षेत्र में तेल, प्राकृतिक गैस, ईंधन और कृषि से जुड़े सामान की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
ईरान ने अमेरिका के बदले रुख का किया दावा
इस बीच, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से जुड़े अधिकारी मोहसिन रेजाई ने दावा किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से भेजे गए पत्र में वॉशिंगटन का रुख बदला हुआ दिखाई दिया है। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB से बातचीत में उन्होंने इसे ईरान की जीत का संकेत बताया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्र कतर के मध्यस्थों के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया था। इसमें वेंस के नेतृत्व में सीधे बातचीत की संभावना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा का प्रस्ताव शामिल बताया गया है। हालांकि, बातचीत के किसी अंतिम समझौते पर पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
कतर या इस्तांबुल में हो सकती है बातचीत
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर की मध्यस्थता में बातचीत के लिए दोहा या इस्तांबुल को संभावित जगहों के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक की तारीख और स्थान को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रस्ताव को संवाद की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है। दूसरी ओर, ट्रंप का कहना है कि ईरान बातचीत करना चाहता है और अमेरिका के पास समझौते के लिए समय है।
मोजतबा खामेनेई की अमेरिका और इजरायल को चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने दोबारा हमला किया तो ईरानी सेना जवाब देने के समय और तरीके का फैसला खुद करेगी। उनके बयान में जवाबी कार्रवाई के भौगोलिक दायरे पर भी जोर दिया गया। इस चेतावनी से साफ है कि तेहरान संभावित नए हमलों को लेकर सतर्क है और किसी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में जवाब देने की तैयारी का संकेत दे रहा है।
