'भारत का दौरा कर सकते हैं ट्रंप', अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बोले- असली दोस्ती में कई बार असहमति
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 12, 2026, 02:39 PM IST
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं और ट्रंप-मोदी की दोस्ती मजबूत व वास्तविक है। उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर दोनों देश सक्रिय बातचीत कर रहे हैं और भारत अमेरिका के लिए सबसे अहम साझेदारों में से एक है।
अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं ट्रंप: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
Trump India Visit: भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने दिल्ली में अपने इनॉगुरल ब्रीफिंग की। उन्होंने भारत–अमेरिका संबंधों से लेकर दोनों देशों के बीच होने वाली ट्रेड डील पर अपनी प्रतिक्रिया दी। गोर ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ती वास्तविक और मजबूत है। गोर ने कहा, “असली दोस्त कभी-कभी असहमत भी होते हैं, लेकिन वे मतभेदों को सुलझा लेते हैं।”
व्यापार समझौते पर क्या बोले सर्जियो गोर?
व्यापार समझौते को लेकर बात करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों पक्ष सक्रिय रूप से बातचीत में जुटे हुए हैं और सकारात्मक नतीजों की उम्मीद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई साझेदार नहीं है। गोर के इस बयान को भारत–अमेरिका रणनीतिक, आर्थिक और राजनीतिक संबंधों में और मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत को लेकर ट्रंप ने क्या-क्या कहा है?
बता दें कि हाल ही में ट्रंप ने भारत को लेकर कई ऐसे बयान दिए, जो भारत के लिए चिंता की बात है। हाल ही में भारत को लेकर कई बयान दिए हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों में चर्चा का विषय बने हैं। ट्रंप ने कहा कि वह अगले एक‑दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “महान नेता” और “दोस्त” बताया।
हालांकि, कुछ बयानों में ट्रंप ने भारत की टैरिफ नीति और रूसी तेल आयात पर भी कड़ी टिप्पणी की, जिससे आलोचना हुई। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा लगाए गए टैरिफ अमेरिका के लिए चुनौती हैं और इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
भारत पर लग सकता है 500 फीसदी टैरिफ
ट्रंप ने रूस प्रतिबंध बिल को भी मंजूरी दे दी है, जिससे ट्रंप को यह अधिकार मिल जाता है कि वह रूस से तेल की खरीदारी करने वालों देशों पर 500 फीसदी तक का टैरिफ लगा सकते हैं। इसके जद में भारत के अलावा चीन और ब्राजील भी आते हैं. भारत, चीन के बाद रूस से सबसे अधिक तेल लेने के मामले में दूसरे स्थान पर है. ट्रंप ने पिछले साल अगस्त में भारत पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगाया था।
... तो इस वजह से नहीं हुई ट्रेड डील
अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी (वाणिज्य मंत्री) हॉवर्ड लुटनिक ने भारत से ट्रेड डील पर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि अमेरिका-भारत की ट्रेड डील के अटकने की वजह नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बात नहीं होना है। लुटनिक ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि भारत के साथ अमेरिका का व्यापार समझौता इसलिए पूरा नहीं हो सका है क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।