Fighter Jet F-35: अमेरिकीराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपखाड़ी के देशसऊदी अरब को अपना F-35 लड़ाकू जेट बेचने पर विचार कर रहे हैं और इससे खाड़ी क्षेत्र में हथियारों की दौड़ शुरू हो सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प के सहयोगियों ने सऊदी अधिकारियों के साथ संभावित समझौते पर चर्चा की है। इस समझौते में न केवल F-35 लड़ाकू जेट, बल्कि उन्नत हथियार भी शामिल होंगे।
बाइडेन प्रशासन ने लगाई थी रोक
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प के सहयोगियों ने सऊदी अधिकारियों को बताया है कि वे इस समझौते को आगे बढ़ाएंगे। यह कदम बिडेन प्रशासन की नीति से एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा, जिसने मानवाधिकारों के रिकॉर्ड को लेकर सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री पर रोक लगा दी है। F-35 लड़ाकू जेट दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक है। यह स्टील्थ तकनीक, उन्नत सेंसर और हथियारों से लैस है।
क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल सकता है
सऊदी अरब को F-35 लड़ाकू जेट की बिक्री से क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल सकता है। इससे अन्य देशों, जैसे कि ईरान को भी अपने सैन्य बलों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प प्रशासन सऊदी अरब को F-35 लड़ाकू जेट बेचने के लिए कांग्रेस की मंजूरी प्राप्त कर पाएगा या नहीं। कुछ सांसदों ने मानवाधिकारों के रिकॉर्ड को लेकर सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री का विरोध किया है।
अगर सौदा हो जाता है, तो इससे संयुक्त राज्य अमेरिका और सऊदी अरब के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। हालांकि, इससे क्षेत्र में तनाव भी बढ़ सकता है।
