'सम्मान की बात...', भारत को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण, ट्रंप ने PM मोदी को भेजा न्योता
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jan 18, 2026, 11:49 PM IST
Gaza Peace Board: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा पीस बोर्ड का हिस्सा बनने का निमंत्रण भेजा। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह निमंत्रण एक पत्र के माध्यम से भेजा। यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में हुए संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत गठित किया गया है।
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
Gaza Peace Board: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा पीस बोर्ड का हिस्सा बनने का निमंत्रण भेजा। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह निमंत्रण एक पत्र के माध्यम से भेजा, जिसे भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। अपने पत्र में ट्रंप ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि वह पीएम मोदी को मध्य पूर्व में शांति को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।
ट्रंप ने लिखा कि यह पहल न केवल गाजा में शांति स्थापित करने की दिशा में अहम होगी, बल्कि वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के लिए एक नया रास्ता भी खोलेगी। यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में हुए संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत गठित किया गया है। अक्टूबर में इजरायल और हमास ने ट्रंप की शांति योजना पर सहमति जताई थी।
किन-किन देशों को मिला निमंत्रण?
बोर्ड में शामिल नामों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने गाजा पीस बोर्ड के लिए भारत, तुर्किये, मिस्र, मोरक्को, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा, अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया सहित 60 देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया है।
हथियार नहीं डाल रहा हमास
सनद रहे कि 'बोर्ड ऑफ पीस' का ऐलान जमीन पर लगातार जारी तनाव के बीच हुआ, जिसमें हमास अभी भी हथियार डालने से इनकार कर रहा है। हालांकि अक्टूबर में हासिल किए गए संघर्ष विराम ने बड़े पैमाने पर शत्रुता को कम कर दिया है, लेकिन इसमें छिटपुट झड़पें और हवाई हमले हुए हैं, जिससे स्थायी शांति की संभावना अनिश्चित बनी हुई है।