ट्रंप ने पांच और देशों पर लगाया ट्रैवल बैन, फलस्तीनियों की एंट्री पर भी रोक; अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यों लिया ये फैसला?
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Dec 17, 2025, 06:39 AM IST
Trump Imposes Travel Ban On Palestine: ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को बुर्किना फासो, माली, नाइजर, साउथ सूडान और सीरिया को पूरी तरह ट्रैवल बैन के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा फिलिस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी यात्रा दस्तावेजों पर अमेरिका में प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। हाल की सुरक्षा घटनाओं की वजह से लिया गया यह फैसला है।
ट्रंप ने 5 और देशों पर लगाया यात्रा प्रतिबंध।(फोटो सोर्स: AP)
Trump Imposes Travel Ban On Palestine: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात और देशों पर पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। 16 दिसंबर 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा और वेटिंग प्रक्रिया में कमियों का हवाला देते हुए अमेरिका में प्रवेश पर लगे यात्रा प्रतिबंधों का विस्तार कियाहै। यह कदम उनके पहले कार्यकाल की नीतियों की बहाली का हिस्सा है। वहीं, हाल की सुरक्षा घटनाओं की वजह से लिया गया यह फैसला है।
किन देशों पर लगाया गया बैन
मंगलवार को जारी नई सूची के अनुसार, बुर्किना फासो, माली, नाइजर, साउथ सूडान और सीरिया को पूरी तरह ट्रैवल बैन के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा फिलिस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी यात्रा दस्तावेजों पर अमेरिका में प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
ट्रंप प्रशासन ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस की एक घोषणा में कहा गया है कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका में ऐसे विदेशियों को भी रोकना चाहता है जो "हमारी संस्कृति, सरकार, संस्थानों या संस्थापक सिद्धांतों को कमजोर या अस्थिर कर सकते हैं"।
व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप जो लंबे समय से आव्रजन को प्रतिबंधित करने के लिए अभियान चला रहे हैं और लगातार कड़े शब्दों में बोल रहे हैं, ने उन विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ाया है जो अमेरिकियों को "धमकाने का इरादा रखते हैं"।
ट्रंप प्रशासन ने पहले ही अनौपचारिक रूप से फलस्तीनी प्राधिकरण पासपोर्ट धारकों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि वह फ्रांस और ब्रिटेन सहित अन्य प्रमुख पश्चिमी देशों द्वारा फलस्तीनी राज्य को मान्यता देने के खिलाफ इजरायल के साथ एकजुटता दिखा रहा था।
इन देशों पर भी लग चुकी है बैन
बता दें कि जून में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर पूरी तरह रोक और सात अन्य देशों पर आंशिक प्रतिबंधों की घोषणा की थी। यह नीति उनके पहले कार्यकाल की चर्चित ट्रैवल बैन नीति की वापसी मानी गई थी।
पहले से प्रतिबंधित देशों में अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल थे। वहीं, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के नागरिकों पर कड़े नियम लागू किए गए थे।
15 और देशों पर आंशिक प्रतिबंध
इसके साथ ही 15 नए देशों को आंशिक यात्रा प्रतिबंध की सूची में जोड़ा गया है। इनमें अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, कोट डी आइवर, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं।
सुरक्षा बनाम मानवाधिकार पर बहस फिर तेज
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जरूरी है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इस तरह की नीतियां अंतरराष्ट्रीय संबंधों और मानवीय मूल्यों पर सवाल खड़े करती हैं। आने वाले दिनों में इस फैसले पर कानूनी और राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।