दुनिया

चीन को जवाब देने की तैयारी, अमेरिका बनाएगा छठवीं पीढ़ी का फाइटर प्लेन नाम होगा F-47, ट्रंप ने की घोषणा

Sixth-Generation Fighter jet F-47 : सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा, 'मेरे निर्देश पर अमेरिकी वायु सेना छठवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के साथ आगे बढ़ने जा रही है। यह ऐसा फाइटर प्लेन होगा जिसका दुनिया में कोई मुकाबला नहीं होगा। यह F-47 के नाम से जाना जाएगा।' उन्होंने का कि यह अब तक निर्मित फाइटर प्लेन की तुलना में सबसे उन्नत, सामर्थ्यवान और सबसे घातक लड़ाकू जहाज होगा।

Image

ओवल ऑफिस में डोनाल्ड ट्रंप।

Sixth-Generation Fighter jet F-47 : छठवीं पीढ़ी के फाइटर प्लेन का चीनी प्रोटोटाइप सामने आ जाने के बाद अमेरिका ने भी इस आधुनिक लड़ाकू विमान को बनाने की तैयारी कर ली है। इस छठवीं पीढ़ी के फाइटर प्लेन का नाम F-47 होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने F-47 बनाने के पेंटागन के फैसले की घोषणा की है। अभी अमेरिका के पास छठवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान नहीं है। अमेरिका का सबसे आधुनिक फाइटर प्लेन पांचवीं पीढ़ी का है जिसका नाम F-35 लाइटिनिंग है। स्टील्थ फीचर और आधुनिक एवं उन्नत तकनीक से लैस से जेट को दुनिया का सबसे बेहतरीन लड़ाकू जहाज माना जाता है। वहीं, छठवीं पीढ़ी का लड़ाकू जहाज बनाने की दिशा में चीन तेजी से काम रहा है। वह छठवीं पीढ़ी का प्रोटोटाइप उड़ाकर दुनिया को हैरान कर दिया है।

बोइंग को दिया F-47 बनाने का ठेका

ट्रंप ने F-47 की घोषणा शुक्रवार को ओवल ऑफिस में रक्षा मंत्री पीट हेगसेठ के साथ एक संयुक्त बयान में की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस लड़ाकू जहाज बनाने का ठेका बोइंग को दिया गया है। बता दें कि एफ-35 को लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा, 'मेरे निर्देश पर अमेरिकी वायु सेना छठवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के साथ आगे बढ़ने जा रही है। यह ऐसा फाइटर प्लेन होगा जिसका दुनिया में कोई मुकाबला नहीं होगा। यह F-47 के नाम से जाना जाएगा।' उन्होंने का कि यह अब तक निर्मित फाइटर प्लेन की तुलना में सबसे उन्नत, सामर्थ्यवान और सबसे घातक लड़ाकू जहाज होगा। ट्रंप ने कहा कि इसके प्रायोगिक संस्करण को करीब पांच साल से गोपनीय तरीके से उड़ाया जा रहा है।

एलन मस्क की भूमिका सीमित कर रहे ट्रंप!

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध की योजनाओं को उनके सलाहकार एलन मस्क के साथ उनके व्यापारिक हितों के कारण साझा नहीं किया जाना चाहिए। ट्रंप के इस बयान को प्रशासन में अरबपति उद्यमी की व्यापक भूमिका को सीमित करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने यह टिप्पणी ओवल ऑफिस (राष्ट्रपति कार्यालय) में एक नये लड़ाकू विमान के विकास पर आयोजित बैठक के दौरान की। उन्होंने उन खबरों को खारिज कर दिया कि मस्क को यह बताया जाएगा कि अमेरिका चीन के साथ परिकल्पित युद्ध कैसे लड़ेगा।

मस्क ने पेंटागन का दौरा किया

रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े राष्ट्रपति ने कहा, ‘एलन का चीन में कारोबार है। और शायद वह इसके लिए अतिसंवेदनशील होंगे।’ हालांकि, उन्होंने मस्क की राष्ट्रभक्ति की सराहना की। ट्रंप ने इससे पहले मस्क के संभावित हितों के टकराव के बारे में पूछे गए सवालों को यह कहते हुए टाल दिया था कि जब आवश्यक होगा, तब वह इन सवालों के जवाब देंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि मस्क ने शुक्रवार सुबह लागत कम करने पर चर्चा करने के लिए पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय) का दौरा किया, जिस पर वह सरकारी दक्षता विभाग के माध्यम से काम कर रहे हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article