Today War Update: अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि उसने तेहरान द्वारा अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में सप्ताहांत में ईरानी हवाई रक्षा, जमीनी स्टेशन और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए। इस बीच, कुवैत की सेना ने सोमवार को मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने का दावा किया। वहीं, इजरायली सेना ने लेबनान के भीतर ऐतिहासिक घुसपैठ शुरू कर दी है, जिसकी वैश्विक स्तर पर निंदा हो रही है और इससे अमेरिका-ईरान युद्धविराम खतरे में पड़ गया है। तनाव बढ़ने के बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों से राजनयिक वार्ता के लिए बात की। अमेरिका ने प्रस्ताव रखा कि पहले कदम के रूप में हिजबुल्लाह इजरायल पर सभी हमले बंद कर दे और बदले में इजरायल बेरूत में तनाव न बढ़ाए। जानिए आज का युद्ध अपडेट---
कुवैत पर ड्रोन हमला
कुवैत ने कहा है कि कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम इस समय शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है। सेना के जनरल स्टाफ ने जिक्र किया है कि अगर विस्फोट की आवाजें सुनाई देती हैं, तो वे एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा शत्रुतापूर्ण हमलों को रोकने के परिणामस्वरूप होती हैं। सभी से अनुरोध है कि वे सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
पूरे कुवैत में सायरन बज रहे हैं
कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि सोमवार को कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया, जिसके चलते पूरे देश में सायरन बजने लगे। कुवैती सेना ने कहा, कुवैती वायु रक्षा प्रणाली इस समय शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है। सेना के जनरल स्टाफ का कहना है कि अगर विस्फोट की आवाजें सुनाई देती हैं, तो वे वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा शत्रुतापूर्ण हमलों को नाकाम करने का परिणाम हैं।
अमेरिका ने ईरानी रडार और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया
अमेरिकी सेना ने सोमवार को कहा कि वह ईरान में स्थित ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण ठिकानों को निशाना बना रही है, क्योंकि तेहरान ने इस सप्ताहांत एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराया था। ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए द्वारा जारी एक बयान में कहा कि अमेरिकी सेना ने एक द्वीप पर स्थित दूरसंचार टावर को निशाना बनाया था। गार्ड ने कहा कि उसने जवाबी हमला किया, लेकिन हमले की जगह का जिक्र नहीं किया।
इजराइल-लेबनान तनाव बढ़ा
उधर, इजराइल-लेबनान तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों से राजनयिक वार्ता के लिए बात की। अमेरिका ने प्रस्ताव रखा कि पहले कदम के तौर पर हिज्बुल्लाह इजराइल पर सभी हमले बंद कर दे और बदले में इजराइल बेरूत में तनाव न बढ़ाए। रविवार को इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक प्रतीकात्मक किले पर कब्जा कर लिया, जहां से लेबनान और उत्तरी इजराइल का व्यापक दृश्य दिखाई देता है।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ता जारी है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु संवर्धन और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ी शर्तें लगाने का आह्वान किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खुलासा किया है कि वार्ता में मौजूदा गतिरोध के बावजूद तेहरान और वाशिंगटन के बीच संवाद और संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
इजरायली सेना का लेबनान में ऐतिहासिक घुसपैठ
इजरायली सेना लेबनान से पच्चीस साल से भी अधिक समय पहले हटने के बाद से अब तक की सबसे गहरी घुसपैठ कर रही है, जिससे अमेरिका-ईरान युद्धविराम कमजोर हो रहा है, क्योंकि तेहरान किसी भी समझौते से लेबनान में भी लड़ाई खत्म करना चाहता है। कतर ने इसे “खतरनाक तनाव” बताया। जर्मन प्रेस एजेंसी डीपीए के अनुसार, जर्मनी के विदेश मंत्री ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। अमेरिका ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इजरायल का कहना है कि वह ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह को निशाना बना रहा है, जिसकी दक्षिणी लेबनान में मजबूत राजनीतिक उपस्थिति है।
ईरान ने कहा, हमें अमेरिका पर भरोसा नहीं है
उधर, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि तेहरान वाशिंगटन के साथ किसी भी समझौते पर तब तक सहमत नहीं होगा जब तक कि ईरान के अधिकारों की पूरी तरह से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। गालिबफ की ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब खबरें सामने आई हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक कड़ा शांति प्रस्ताव वापस भेज दिया है, और इससे दोनों पक्षों के बीच की खाई और गहरी हो गई है जिसे अभी भी पाटना बाकी है।
होर्मुज में नाकेबंददी, 118 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला
अमेरिकी सेना का कहना है कि होर्मुज में नाकेबंदी के तहत 118 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला गया। संयुक्त राज्य अमेरिका की केंद्रीय कमान ने घोषणा की है कि उसकी सेनाओं ने वाशिंगटन द्वारा ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाकर की जा रही सक्रिय नौसैनिक नाकाबंदी के तहत 118 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला है और पांच अन्य को निष्क्रिय कर दिया है। अमेरिकी सेनाओं ने 13 अप्रैल को ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी स्थापित की थी। CENTCOM ने रविवार को X पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी सेना ने 31 मई तक 118 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला है और 5 को निष्क्रिय कर दिया है।
