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Titanic Submarine: टाइटन पनडुब्बी के सभी 5 यात्रियों की मौत, समुद्र में सबमरीन का मलबा मिला

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 23, 2023, 06:49 AM IST

Titanic Submarine News: अमेरिकी कोस्ट गार्ड के रियर एडमिरल जॉन मौगर ने पुष्टि करते हुए कहा कि टाइटन पनडुब्बी के हिस्से टाइटैनिक जहाज के मलबे से करीब 1,600 फीट की दूरी पर मिले। उन्होंने कहा कि पनडुब्बी का मलबा 'भयानक विस्फोट' का नतीजा है।

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चार दिनों से लापता थी सबमरीन।

Photo : AP

Titanic Submarine News: टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के लिए लापता पनडुब्बी में सवार में सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। अमेरिकी कोस्ट गार्ड एवं पनडुब्बी की मालिकाना कंपनी के मुताबिक 'भारी विस्फोट' के बाद यात्रियों की जान गई। बता दें कि टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के लिए यह पनडुब्बी गत 18 जून को रवाना हुई थी और इस दुखद हादसे के साथ ही व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे तलाशी अभियान का अंत हो गया है।

1,600 फीट की दूरी पर मिला मलबा

अमेरिकी कोस्ट गार्ड के रियर एडमिरल जॉन मौगर ने पुष्टि करते हुए कहा कि टाइटन पनडुब्बी के हिस्से टाइटैनिक जहाज के मलबे से करीब 1,600 फीट की दूरी पर मिले। उन्होंने कहा कि पनडुब्बी का मलबा 'भयानक विस्फोट' का नतीजा है।

कंपनी ने शोक संवेदना जताई

रियर एडमिरल का कहना है कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि शव बरामद कर लिए जाएंगे। वहीं, पनडुब्बी की सेवा देने वाली ओशेनगेट एक्सपीडिशन ने अपने एक बयान में कहा, 'ये लोग वास्तव में एक सच्चे समुद्री यात्री थे। इनमें रोमांच की अद्भुत भावना थी।' पनडुब्बी के पायलट और मुख्य कार्यकारी स्टॉकटन रश, यात्री शहजादा दाऊद और उनके बेटे सुलेमान दाऊद, हामिश हार्डिंग और पॉल-हेनरी नार्जियोलेट टाइटैनिक का मलबा देखने के लिए रविवार को रवाना हुए थे।

चार दिनों से लापता थी पनडुब्बी

अपनी रवानगी के एक घंटे बाद पनडुब्बी का अपनी कंपनी से संपर्क टूट गया। उसमें ऑक्सीजन उपलब्धता की 96 घंटे की महत्वपूर्ण समय सीमा बृहस्पतिवार को पार हो गई। विशेषज्ञों ने कहा है कि यह एक अनुमान है और यदि पनडुब्बी में सवार लोग ऑक्सीजन संरक्षित करने के उपाय करते हैं तो यह समय सीमा बढ़ सकती है। और यह भी मालूम नहीं है कि रविवार सुबह पनडुब्बी के लापता हो जाने के बाद से वे जीवित भी हैं, या नहीं।

1912 में अटलांटिक महासागर में डूबा था टाइटैनिक

उल्लेखनीय है कि टाइटैनिक दुनिया का सबसे बड़ा वाष्प इंजन चालित यात्री जहाज था। अप्रैल 1912 में अटलांटिक महासागर में अपनी पहली यात्रा पर रवाना होने के चार दिन बाद यह एक हिम शैल से टकराने के बाद डूब गया था। पिछले साल रोड आइलैंड के तट के पास इस जहाज का मलबा पाया गया था।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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