खतरों के बीच रिपोर्टिंग
टाइम्स नाउ के रिपोर्टर प्रदीप दत्ता खतरों के बीच लेबनान से रिपोर्टिंग करते नजर आ रहे हैं। उनके कैमरे में कैद तस्वीरें बता रही हैं कि बदले की आग में किस तरह विध्वंस जारी है। लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकवादियों के साथ इजराइल का खूनी संघर्ष तबाही का मंजर पेश कर रहा है। इसमें सेना से ज्यादा आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है। गुरुवार को इजराइल की ओर से दागे गए रॉकेट से बेरूत के 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई और कम से कम 117 लोगों के घायल होने की जानकारी है। इसके बाद बदले की भावना से हिजबुल्लाह ने इजराइल के रिहायशी इलाकों में रॉकेट दागकर घर क्षतिग्रस्त कर दिए।
इजराइली सेना ने कहा कि वह कथित हमलों की जांच कर रही है। बेरूत के घनी आबादी वाले दक्षिणी उपनगरों में इजराइली हवाई हमले आम हैं, जहां हिजबुल्ला युद्ध में है। हमलों के बाद हिजबुल्ला के अल मनार टीवी ने बताया कि हिजबुल्ला के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी वाफिक सफा की हत्या का प्रयास विफल हो गया। उसने कहा कि सफा उस इमारत में नहीं था, जहां हमला किया गया।
हिजबुल्ला और इजराइल के बीच भीषण संघर्ष
हिजबुल्ला और इजराइल के बीच हाल के कुछ हफ्तों से भीषण संघर्ष जारी है। इससे पहले, फलस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि गाजा में विस्थापितों को आश्रय देने वाले एक स्कूल पर गुरुवार को इजराइली हमले में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गयी थी। यह हमला ऐसे दिन हुआ जब इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर गोलीबारी की और उनमें से दो को घायल कर दिया। इस गोलीबारी की जमकर निंदा हुई और इटली के रक्षा मंत्रालय ने विरोध स्वरूप इजराइल के राजदूत को तलब किया।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 22 लोग मारे गए और 117 घायल हुए। बेरूत से सटे खासकर घनी आबादी वाले दक्षिणी उपनगरों में हाल ही में इजराइली हवाई हमलों में हिजबुल्ला के नेता हसन नसरल्ला और अन्य वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं। हिजबुल्ला ने पिछले वर्ष आठ अक्टूबर को हमास और फलस्तीनियों के समर्थन में इजराइल पर रॉकेट दागना शुरू किया था, जिसके जवाब में इजराइल ने हवाई हमले किए।
