'ट्रंप का टैरिफ कर्मचारियों, उपभोक्ताओं, द्विपक्षीय रिश्ते के लिए नुकसानदायक', हाउस ऑफ रेप्रिजेंटेटिव के 3 सदस्यों ने पेश किया प्रस्ताव
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Dec 13, 2025, 06:50 AM IST
कांग्रेसवुमन रॉस ने कहा, 'नॉर्थ कैरोलिना की अर्थव्यवस्था व्यापार, निवेश और एक जीवंत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के जरिए भारत से गहराई से जुड़ी हुई है।' उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियों ने राज्य में एक अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिससे लाइफ साइंसेज और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा हुई हैं।
भारत पर लगे टैरिफ का अमेरिका में विरोध। तस्वीर-AP
Trump's 50% tariffs on India : भारत पर लगे 50 प्रतिशत टैरिफ खत्म करने के लिए अमेरिका में पहल तेज होती जा रही है। अब हाउस ऑफ रेप्रिजेंटेटिव के तीन सदस्यों ने इसके खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ समाप्त करने की मांग की गई है। प्रस्ताव में इस टैरिफ को अवैध और अमेरिकी कर्मचारियों, उपभोक्ताओं और द्विपक्षीय रिश्ते के लिए नुकसानदायक बताया गया है। अपने इस टैरिफ पर ट्रंप अपने ही देश में लगातार घिर रहे हैं। भारत पर लगे टैरिफ का विरोध डेमोक्रेट तो कर रही रहे हैं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता भी खुलकर भारत पर लगे टैरिफ का विरोध किया है और उन्होंने इसे हटाने की मांग की है।
आपातकालीन शक्तियों के उपयोग पर लगे अंकुश
प्रतिनिधि डेबोरा रॉस, मार्क वीसी और राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में लाया गया यह प्रस्ताव ब्राजील पर लगाए गए समान शुल्क समाप्त करने और आयात शुल्क बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति द्वारा आपातकालीन शक्तियों के उपयोग पर अंकुश लगाने से जुड़े द्विदलीय सीनेट कदम के बाद आया है। जारी बयान के अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य 27 अगस्त 2025 को भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत 'द्वितीयक' शुल्क को रद्द करना है, जो पहले से लागू पारस्परिक शुल्कों के ऊपर लगाया गया था। इन दोनों को मिलाकर अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियाँ अधिनियम (IEEPA) के तहत कई भारतीय मूल के उत्पादों पर शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
भारतीय कंपनियों ने नॉर्थ कैरोलिना में निवेश किया-रॉस
कांग्रेसवुमन रॉस ने कहा, 'नॉर्थ कैरोलिना की अर्थव्यवस्था व्यापार, निवेश और एक जीवंत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के जरिए भारत से गहराई से जुड़ी हुई है।' उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियों ने राज्य में एक अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिससे लाइफ साइंसेज और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा हुई हैं, जबकि नॉर्थ कैरोलिना के निर्माता हर साल सैकड़ों मिलियन डॉलर का सामान भारत को निर्यात करते हैं। कांग्रेसमैन वीसी ने कहा, 'भारत एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है और ये अवैध शुल्क आम नॉर्थ टेक्सास के लोगों पर कर के समान हैं, जो पहले से ही बढ़ती लागतों से जूझ रहे हैं।'
आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करता है टैरिफ-कृष्णामूर्ति
वहीं, भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसमैन कृष्णमूर्ति ने इन शुल्कों को 'प्रतिकूल' बताते हुए कहा कि ये आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं, अमेरिकी कामगारों को नुकसान पहुंचाते हैं और उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन्हें समाप्त करने से अमेरिका-भारत आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी।