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इन देशों में होती हैं सबसे ज्यादा विमान दुर्घटनाएं,भारत 10 वें नंबर पर

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jan 16, 2023, 03:06 PM IST

Nepal Plane Crash: एविएशन सेफ्टी इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार साल 1945 से 2021 के बीच सबसे ज्यादा हवाई हादसे अमेरिका में हुए हैं। वहां पर इस दौरान 870 हादसे हुए हैं। जिसमें 10,846 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

Nepal Plane Crash: नेपाल के पोखरा में हुए प्लेन हादसे नए एक बार फिर हवाई सुरक्षा पर सवाल उठा दिए हैं। रविवार को येति एयरलाइंस के विमान हादसे में सवार सभी 72 लोगों की मौत हो गई है। प्लेन पोखरा एयरपोर्ट पर लैडिंग करते वक्त नियंत्रण खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया। हादसे के बाद नेपाल में हवाई सेवाओं और उसकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर साल 2000 से नेपाल में एयर प्लेन हादसों की बात की जाय तो 35 हादसे हो चुके हैं। वैसे तो हवाई यात्रा दुनिया की सबसे सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन हादसे के बाद उसमे बचने के चांस हमेशा बेहद कम होते हैं। एविएशन इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में 25 देश ऐसे हैं, जहां पर सबसे ज्यादा हवाई हादसे हुए है। पिछले 76 साल के आंकड़ों को देखा जाय तो अमेरिका में सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं।

भारत 10 वें नबर पर

एविएशन सेफ्टी इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार साल 1945 से 2021 के बीच सबसे ज्यादा हवाई हादसे अमेरिका में हुए हैं। वहां पर इस दौरान 870 हादसे हुए हैं। जिसमें 10,846 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके बाद रूस, ब्राजील, कनाडा, कोलंबिया, यूनाइटेड किंगडम का नंबर पर आता है। जहां पर तक भारत की बात है तो इस दौरान भारत में 95 विमान हादसे हुए हैं। जिसमें 2352 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

देशहादसों की संख्यामौत
संयुक्त राज्य अमेरिका87010846
रूस5488537
ब्राजील1932740
कनाडा1911800
कोलंबिया1852932
यू.के.1101298
इंडोनेशिया1062303
फ्रांस1052246
मैक्सिको1021287
भारत952352
स्रोत: एविएशन सेफ्टी डॉट नेट

दुनिया में सबसे सुरक्षित होती है विमान यात्रा

IATA की रिपोर्ट के अनुसार प्रति 10 लाख फ्लाइट में भीषण हादसे का अनुपात 0.28 है। वहीं रोड एक्सीडेंट और ट्रेन एक्सीडेंट से तुलना की जाय तो यह काफी कम है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार एक बिलियन माइल्स यात्रा पर 0.07 मौत होती है। जबकि मोटर साइकिल पर 212.57 और कार पर 7.28 मौतें होती हैं। इसके बावजूद नेपाल हादसे ने सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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