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गाजा पर हमला रुका, लेकिन सुरक्षाबलों की तैनाती बरकरार, इजराइली सेना बोली- ट्रंप की योजना के पहले चरण पर काम तेज

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 7 अक्टूबर, 2023 से जारी युद्ध में अब तक 67,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। इनमें लगभग आधी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। हालांकि मंत्रालय ने मृतकों में असैन्य नागरिक और लड़ाकों का अलग आंकड़ा नहीं बताया।

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गाजा में इजराइली टैंक (फोटो-AP)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में तैयार की गई शांति योजना के कुछ बिंदुओं को हमास द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद इजराइली सेना ने शनिवार को कहा कि वह योजना के पहले चरण को लागू करने के लिए तैयारियों को तेज करेगी। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि इजराइल ने गाजा में रक्षात्मक स्थिति अख्तियार कर ली है और वह हमला नहीं करेगा। अधिकारी ने बताया कि गाजा से कोई भी सुरक्षा बल नहीं हटाया गया है।

बढ़ रही है शांति पर बात

इस बीच, मिस्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमास से बंधकों को छुड़ाने और इजराइली हिरासत से सैकड़ों फलस्तीनियों की रिहाई के लिए बातचीत जारी है। संघर्षविराम वार्ता में शामिल रहे अधिकारी ने कहा कि मध्यस्थता कर रहे अरब फलस्तीनियों के बीच समग्र बातचीत के लिए तैयारियां कर रहे हैं जिसका उद्देश्य गाजा के भविष्य के प्रति फलस्तीनियों के रुख को एकजुट करना है।

ट्रंप उत्साहित

मंगलवार को हमले की दूसरी बरसी से पहले युद्ध समाप्त कराने और दर्जनों बंधकों को वापस लाने के अपने वादों को पूरा करने के प्रति ट्रंप उत्सुक दिखाई दे रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में प्रस्तुत उनके प्रस्ताव को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त है और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इसका समर्थन किया है। ट्रंप ने हमास के बयान का स्वागत करते हुए कहा था, ‘‘मुझे लगता है कि वे दीर्घकालिक शांति के लिए तैयार हैं।’’

गाजा में इजराइल की मौजूदगी

सेवानिवृत्त इजराइली जनरल और इजराइल के रक्षा एवं सुरक्षा फोरम के अध्यक्ष अमीर अवीवी ने कहा कि इजराइल कुछ दिन के लिए गाजा में गोलीबारी रोक सकता है ताकि बंधकों को रिहा किया जा सके, लेकिन अगर हमास अपने हथियार नहीं डालता है तो इजराइल आक्रमण फिर से शुरू कर देगा। इज़राइली सैनिक अब भी गाजा शहर की घेराबंदी कर रहे हैं, जो उनके नवीनतम हमले का केंद्र है। शनिवार को इजराइली सेना ने फलस्तीनियों को शहर में वापस लौटने की कोशिश न करने की चेतावनी देते हुए इसे ‘‘खतरनाक युद्धक्षेत्र’’ बताया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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