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'आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक, दुनिया को करनी चाहिए इसकी निंदा...' UN में एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर साधा निशाना

UNO: संयुक्त राष्ट्र में 'आतंकवाद की मानवीय कीमत' पर एक प्रदर्शनी के अवसर पर भारत के विदेश मंत्री ने एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे के खिलाफ लक्षित हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे समूहों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

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दुनिया को करना चाहिए आतंकवाद की निंदा: एस जयशंकर

Photo : ANI

S Jaishankar: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में 'आतंकवाद की मानवीय कीमत' पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाया कि आतंकवाद मानवता के लिए कितना बड़ा खतरा है और इससे सख्ती से कैसे निपटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया को एकजुट होकर आतंकवादियों को दंड दिलाने और परमाणु ब्लैकमेल के आगे न झुकने जैसे मुद्दों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। प्रदर्शनी में उन्होंने याद दिलाया कि कैसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की थी। जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।

100 से अधिक आतंकवादी मारे गए: एस जयशंकर

भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे के खिलाफ लक्षित हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे समूहों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अपने भाषण में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है। यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित सभी बातों, मानवाधिकारों, नियमों और मानदंडों तथा राष्ट्रों को एक-दूसरे के साथ किस तरह व्यवहार करना चाहिए के विपरीत है। जब आतंकवाद को किसी देश द्वारा पड़ोसी के विरुद्ध समर्थन दिया जाता है, जब इसे चरमपंथ की कट्टरता से बढ़ावा मिलता है, जब यह कई तरह की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देता है, तो इसे सार्वजनिक रूप से उजागर करना आवश्यक है। और ऐसा करने का एक तरीका यह है कि वैश्विक समाज पर इसके द्वारा बरपाए गए कहर को प्रदर्शित किया जाए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगे कहा कि पांच सप्ताह पहले, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम में आतंकवाद के एक विशेष रूप से भयानक कृत्य की कड़ी निंदा की थी। इसने मांग की थी कि इसके अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमने तब से ऐसा होते देखा है। उस प्रतिक्रिया ने आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता के संदेश के व्यापक महत्व को रेखांकित किया है।

क्वाड की बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका में हैं विदेश मंत्री

बता दें, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के निमंत्रण पर अमेरिका का दौरा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह गुरुवार को (स्थानीय समयानुसार), अमेरिकी विदेश विभाग की ब्रीफिंग के दौरान, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने बैठक के संबंध में कहा था कि शिखर सम्मेलन स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत को आगे बढ़ाने की गति पर काम करेगा। क्वाड ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक कूटनीतिक साझेदारी है जो एक खुले, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है जो समावेशी और लचीला है। क्वाड की उत्पत्ति दिसंबर 2004 के हिंद महासागर सुनामी के जवाब में हमारे सहयोग से हुई है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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