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Sudan Civil War: सूडान में अर्धसैनिक बलों के हमले में 10 लोगों की मौत, 23 अन्य घायल

Sudan Civil War: सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) ने बताया कि पश्चिमी सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी अल फशर में आवासीय इलाकों और एक आश्रय केंद्र पर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) ने गोलाबारी की थी, जिसमें 10 लोग मारे गए और 23 अन्य घायल हो गए।

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अर्धसैनिक बलों के हमले में 10 लोगों की मौत

Photo : IANS

Sudan Civil War: सूडान में अर्धसैनिक बलों के हमले में 10 लोग मारे गए और 23 अन्य घायल हो गए। सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) ने बताया कि पश्चिमी सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी अल फशर में आवासीय इलाकों और एक आश्रय केंद्र पर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) ने गोलाबारी की थी, जिसमें 10 लोग मारे गए और 23 अन्य घायल हो गए।

हमले में 10 नागरिकों की मौत

सूडानी सशस्त्र बलों की 6वीं इन्फैंट्री डिवीजन ने एक बयान में कहा कि विद्रोही मिलिशिया ने अल फशर शहर के इलाकों और एक आश्रय केंद्र पर गोले दागे। बयान में कहा गया कि इस हमले में 3 साल की बच्ची समेत 10 नागरिकों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए, जिनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एसएएफ ने कहा कि आरएसएफ ने अल फशर के भीतर प्रमुख स्थलों को निशाना बनाकर ड्रोन भी दागे, लेकिन सेना की वायु रक्षा ने उन्हें सफलतापूर्वक मार गिराया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अल फशर में हुए हमले के बारे में आरएसएफ की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। बता दें कि अल फशर पिछले साल 10 मई से सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच भीषण संघर्ष का केंद्र रहा है। संयुक्त राष्ट्र के क्राइसिस मॉनिटरिंग ग्रुप ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ के अनुसार, सूडान में अप्रैल 2023 के मध्य से सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच एक भयावह संघर्ष चल रहा है, जिसमें करीब 29683 लोगों की जान जा चुकी है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुमान के अनुसार, संघर्ष ने सूडान के अंदर और बाहर 15 मिलियन से अधिक लोगों को विस्थापित किया है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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