Strait of Hormuz: वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज में ईरानी सेना द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों (सी माइंस) को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। यूएस सेंट्रल कमांड ने इस बारे में जानकारी दी है। उसने बताया कि अमेरिकी नौसेना (US Navy) के दो गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर इस ऑपरेशन में तैनात किए गए हैं। जिनके नाम USS Frank Peterson और USS Michael Murphy हैं। ये दोनों युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरे और अरब सागर क्षेत्र में सक्रिय रहे।
गौरतलब है कि यह मिशन उस व्यापक अभियान का हिस्सा है,जिसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है,जहां IRGC द्वारा पहले माइंस बिछाए जाने का दावा किया गया है।
अमेरिका बना रहा नया सुरक्षित रास्ता
यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक नया सुरक्षित समुद्री मार्ग तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जिसे जल्द ही वैश्विक शिपिंग और व्यापार जगत के साथ साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब पिछले कुछ हफ्तों से इस क्षेत्र में जहाजों पर संभावित हमलों और खतरों की आशंका बनी हुई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मचाई सनसनी
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज को 'क्लियर'करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि सभी माइन बिछाने वाले ईरानी जहाजों को भी नष्ट कर दिया गया है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा,'हम अब होर्मुज जलडमरूमध्य को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।'उन्होंने आगे कहा कि ईरान की सभी 28 बारूदी सुरंगें गिराने वाली नावें भी समुद्र की तलहटी में पड़ी हैं।
होर्मुज इसलिए है महत्वपूर्ण
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है,क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। हाल के तनाव के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है,जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भी उछाल दर्ज किया गया है,भले ही इस मार्ग से गुजरने वाला अधिकांश तेल सीधे अमेरिका नहीं जाता।
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
वहीं, इस तनावपूर्ण हालात के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू हुई है।अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचे हैं। वहीं,मोहम्मद बागेर गालिबाफ ईरान की तरफ से अगुवाई कर रहे हैं। यह वार्ता एक नाजुक संघर्ष विराम के बीच हो रही है,जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।
