इस समय पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर इस उम्मीद पर टिकी हैं जहां ईरान और अमेरिका अपनी दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म कर एक समझौते की ओर बढ़ना चाहते हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने पाकिस्तान में आमने-सामने की भी मुलाकात की है। लेकिन इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयानों से माहौल को गर्म कर दिया है। उन्होंने वार्ता से पहले ईरान को धमकी देते हुए असफल राष्ट्र करार दिया है।
क्या बोले ट्रंप
एक मीडिया इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान पूरी तरह से असफल राष्ट्र बन चुका है। अमेरिका उससे बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी कीमत पर अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वार्ता उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप आगे नहीं बढ़ती, तो अमेरिका “रीसेट” जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
'फेक न्यूज' ईरान को जीतता हुआ दिखा रहे
ट्रंप ने वैश्विक तेल व्यापार के अहम मार्ग Strait of Hormuz को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। उन्होंने लिखा कि 'फेक न्यूज' ईरान को जीतता हुआ दिखा रहा है, जबकि हकीकत में वह “बुरी तरह हार रहा है।” ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम, रडार नेटवर्क और मिसाइल-ड्रोन फैक्ट्रियां भी बड़े पैमाने पर नष्ट कर दी गई हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के कई शीर्ष नेता भी अब जीवित नहीं हैं।
Strait of Hormuz को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के लिए अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रंप ने इसे वैश्विक देशों के हित में उठाया गया कदम बताया और कहा कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश इस काम में खुद आगे नहीं आ रहे। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि कई देशों के खाली तेल टैंकर अब अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं, जहां वे तेल लोड करेंगे।
ईरान के पास होर्मुज के अलावा कोई ठोस विकल्प नहीं बचा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान के पास बातचीत में दबाव बनाने के लिए अब होर्मुज के अलावा कोई ठोस विकल्प नहीं बचा है। उनके अनुसार, ईरान की अर्थव्यवस्था इस कदर कमजोर हो चुकी है कि वह बातचीत करने को मजबूर है।
