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श्रीलंकाई नौसेना ने 32 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार, पांच भारतीय नौकाओं को किया जब्त

India-Sri Lanka: श्रीलंकाई नौसेना ने 32 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया। श्रीलंकन नेवी ने इस वर्ष अब तक 131 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने वाली 18 नौकाओं को जब्त किया है। हाल ही में भारत ने कहा था कि किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग 'स्वीकार्य' नहीं है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

Sri Lankan Navy arrests 32 Indian fishermen: श्रीलंकाई नौसेना ने रविवार को कहा कि उसने द्वीप राष्ट्र के जलक्षेत्र में कथित रूप से प्रवेश करने के कारण 32 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनकी पांच नौकाओं को जब्त कर लिया। श्रीलंकाई नौसेना ने एक बयान में कहा कि इन लोगों को मन्नार के उत्तर में समुद्री क्षेत्र में एक विशेष अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।

श्रीलंका नौसेना ने 32 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार

बयान में कहा गया, 'मछली पकड़ने वाली पांच भारतीय नौकाओं को जब्त कर लिया गया और 32 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया गया।' इसमें कहा गया है कि नौसेना मछली पकड़ने वाली विदेशी नौकाओं की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए श्रीलंकाई जलक्षेत्र में नियमित गश्त और अभियान चलाती रहती है।

नौसेना ने कहा कि गिरफ्तार मछुआरों और उनकी नौकाओं को तलाईमन्नार पियर लाया गया, जहां उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए मन्नार के मत्स्य निरीक्षक को सौंप दिया जाएगा।

इस साल अब तक 131 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार

बयान के अनुसार, नौसेना ने इस वर्ष अब तक 131 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने वाली 18 नौकाओं को जब्त किया है। इस महीने की शुरुआत में, श्रीलंकाई नौसेना ने द्वीप राष्ट्र के जलक्षेत्र में कथित रूप से प्रवेश करने के कारण 10 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया था तथा उनकी नौकाओं को जब्त कर लिया था।

जनवरी में डेल्फ्ट द्वीप के निकट श्रीलंकाई नौसेना द्वारा की गई गोलीबारी में पांच भारतीय मछुआरे घायल हो गए थे, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। भारत ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग 'स्वीकार्य' नहीं है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने यह मामला श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया।

मछुआरों का मुद्दा भारत और श्रीलंका के बीच एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों ने पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी भी की है और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने की कई कथित घटनाओं में उनकी नौकाओं को जब्त कर लिया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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