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NASA ने कर दिया कमाल, अब पेशाब और पसीने से बना पानी पिएंगे अंतरिक्ष यात्री

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 27, 2023, 10:10 AM IST

NASA: नासा को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लगभग 98 प्रतिशत पसीने और मूत्र को पीने के पानी में बदलने में बड़ी कामयाबी मिली है। यह उपलब्धि आने वाले दिनों में चंद्रमा और मंगल मिशनों पर काफी मददगार साबित हो सकती है।

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नासा ने हासिल की बड़ी सफलता

NASA: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने कमाल कर दिया है। उसने स्पेस में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पानी की कमी को पूरा करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। जानकारी के मुताबिक, नासा को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लगभग 98 प्रतिशत पसीने और मूत्र को पीने के पानी में बदलने में बड़ी कामयाबी मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि नासा की यह उपलब्धि आने वाले दिनों में चंद्रमा और मंगल मिशनों पर काफी मददगार साबित हो सकती है।

बता दें, स्पेस स्टेशन में रहने वाले यात्रियों को अंतरिक्ष में पीने के पानी, खाना बनाने और साफ-सफाई के लिए प्रतिदिन एक गैलन पानी की जरूरत होती है। अंतरिक्ष यात्रियों ने इस खोज के लिए जिन प्रणालियों का इस्तेमाल किया है, वह Environment Control And Life Support System (ECLSS) का हिस्सा है। इस प्रणाली का उद्देश्य अंतरिक्ष में आगे के उपयोग के लिए भोजन, वायु और पानी जैसी चीजों को रीसाइकिल करना और इस्तेमाल योग्य बनाना है।

ECLSS में शामिल है वॉटर रिकवरी सिस्टम

इस प्रणाली में वॉटर रिकवरी सिस्टम भी शामिल है। यह वेस्टवॉटर को इकट्ठा कर उसे वॉटर प्रोसेसर असेंबली में भेज देता है, इसके बाद पीने योग्य पानी का उत्पादन किया जाता है। बता दें, अंतरिक्ष में पानी की कमी को दूर करने के लिए अंतरक्षि यात्रियों की सांस और पसीने केबिन की हवा में निकली नमी को इकट्ठा किया जाता है। इसके एकत्रित करने के लिए एंडवांस डीह्मिडफायर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा उनके यूरिन से भी पानी निकाला जाता है।

94 से 98% की गई मात्रा

जॉनसन स्पेस सेंटर टीम के सदस्य क्रिस्टोफर ब्राउन का कहना है कि पेशाब से निकाले गए पानी की मात्रा को 94 प्रतिशत से बढ़ाकर 98 प्रतिशत कर दिया गया है। यह अब तक की सबसे अधिक है। उन्होंने कहा, यह अंतरिक्ष में लाइफ सपोर्ट सिस्टम के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तव author

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रक... और देखें

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