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दक्षिण कोरिया की इस मिसाइल से कांपा तानाशाह किम-जोंग-उन, जमीन के अंदर भी मचा सकती है तबाही

South Korea: दक्षिण कोरिया ने मंगलावार को भव्य सशस्त्र बल दिवस समारोह के दौरान सबसे शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल ह्यूनमो-5 का प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया को निशाना बनाने में सक्षम है।

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दक्षिण कोरिया ने सबसे ताकतवर मिसाइल का किया प्रदर्शन।

Photo : BCCL

South Korea: दक्षिण कोरिया ने अब तक की अपनी सबसे ताकतवर मिसाइल का प्रदर्शन दुनिया के सामने किया है। यह मिसाइल इतनी घातक है कि उत्तर कोरिया के बड़े हिस्से को नेस्तताबूत कर सकती है। जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने मंगलावार को भव्य सशस्त्र बल दिवस समारोह के दौरान सबसे शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल ह्यूनमो-5 का प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया को निशाना बनाने में सक्षम है।

इसके साथ ही दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक यियोल ने किम-जोंग-उन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की कोशिश करता है तो उसका शासन ध्वस्त हो जाएगा। दक्षिण कोरिया ने हथियारों का प्रदर्शन और यह चेतावनी ऐसे वक्त में दी है जब उत्तर कोरिया ने नवंबर में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अपने यूरेनियम संवर्धन केंद्र और मिसाइलों के परीक्षण का खुलासा किया है।

जमीन के अंदर घुसकर खत्म कर सकती है बंकर

दक्षिण कोरिया ने इस समारोह के दौरान करीब 340 सैन्य उपकरण और हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया। उनमें से सबसे शक्तिशली ह्यूनमो-5 बैलिस्टिक मिसाइल थी। पर्यवेक्षकों का कहना है कि करीब आठ टन पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम यह मिसाइल धरती की गहराई में घुसकर उत्तर कोरिया के भूमिगत बंकरों को नष्ट कर सकती है। यह पहली बार है जब दक्षिण कोरिया ने इस मिसाइल का खुलासा किया है।

उत्तर कोरिया के शासन का अंत करेगी मिसाइल

राष्ट्रपति यियोल ने राजधानी सियोल के समीप एक सैन्य हवाई अड्डे पर एकत्रित हजारों सैनिकों से कहा, यदि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों का उपयोग करने का प्रयास करता है, तो उसे हमारी सेना और (दक्षिण कोरिया)-अमेरिका गठबंधन की दृढ़ और जबरदस्त प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। उस दिन उत्तर कोरियाई शासन का अंत होगा। उन्होंने कहा, उत्तर कोरिया सरकार को यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि परमाणु हथियार उनकी रक्षा करेंगे। इससे पहले मंगलवार को, उत्तर कोरिया के उप रक्षा मंत्री किम कांग इल ने दक्षिण कोरिया में शक्तिशाली सैन्य संपत्तियों की अस्थायी तैनाती के लिए अमेरिका की आलोचना की और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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