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इस देश के 10 में से 7 लोग बिना शादी के साथ रहने का करते हैं समर्थन

South Korea: दक्षिण कोरिया के लगभग 10 में से सात लोगों का मानना ​​है कि कपल बिना शादी के भी साथ रह सकते हैं। सांख्यिकी कोरिया सर्वे के अनुसार, 15 मई से 30 मई के बीच 13 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 36,000 लोगों ने इसमें भाग लिया।

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दक्षिण कोरिया

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KEY HIGHLIGHTS
  • 36,000 लोगों ने सर्वे में लिया हिस्सा।
  • 15 मई से 30 मई के बीच हुआ सर्वे।

South Korea: दक्षिण कोरिया के लगभग 10 में से सात लोगों का मानना है कि कपल बिना शादी के भी साथ रह सकते हैं। वहीं 10 में से लगभग चार लोगों का कहना है कि कपल विवाह के बिना भी बच्चा पैदा कर सकते हैं। यह जानकारी मंगलवार को सांख्यिकी कार्यालय के सर्वे में सामने आई।

सर्वे में कितने लोगों ने लिया हिस्सा?

सांख्यिकी कोरिया सर्वे के अनुसार, 15 मई से 30 मई के बीच 13 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 36,000 लोगों ने इसमें भाग लिया। 67.4 प्रतिशत ने कहा कि कपल विवाह किए बिना एक साथ रह सकते हैं।

इस वर्ष कुल उत्तरदाताओं में से 37.2 प्रतिशत ने कहा कि जोड़े विवाह किए बिना बच्चे को जन्म दे सकते हैं। यह अनुपात लगातार बढ़ रहा है। 2014 में 22.5 प्रतिशत से बढ़कर 2018 में 30.3 प्रतिशत और 2022 में 34.7 प्रतिशत हो गया।

क्यों शादी नहीं करना चाहते लोग?

इस साल कुल 52.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि लोगों को शादी कर लेनी/लेना चाहिए। यह आंकड़ा 2014 में 56.8 प्रतिशत, 2018 में 48.1 प्रतिशत और 2022 में 50.0 प्रतिशत हो गया था। लगातार इन आंकड़ों में कमी और बढ़ोतरी देखने को मिली।

जब उनसे पूछा गया कि वे शादी करने से क्यों कतराते हैं तो 31.3 प्रतिशत लोगों ने शादी के लिए पैसे की कमी का हवाला दिया, जबकि 15.4 प्रतिशत लोगों ने बच्चों के पालन-पोषण के बोझ और 12.9 प्रतिशत ने नौकरी की अस्थिरता का हवाला दिया।

(इनपुट: आईएएनएस)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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