Iran-Israel-US War: आज ईरान युद्ध का 10वां दिन है और अमेरिका को ईरान से युद्ध लगातार भारी पड़ रहा है। अमेरिका के कई सैनिक मारे जा रहे हैं। अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिका के सातवें सैनिक की मौत हुई है। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने इसे लेकर सूचना दी है और बताया है कि इस सैनिक की मौत इलाज के दौरान हुई है। कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब में हुए ईरान के हमले में ये सैनिक घायल हुआ था।
एक और अमेरिकी सैनिक की मौत
अमेरिकी केंद्रीय कमांड ने ट्वीट कहा कहा- कल रात, मध्य पूर्व में ईरानी शासन के शुरुआती हमलों के दौरान लगी चोटों के कारण एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। 1 मार्च को सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले में सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान कार्रवाई में शहीद होने वाला यह सातवां सैनिक है। युद्ध अभियान जारी हैं। शहीद सैनिक की पहचान उसके परिजनों को सूचित किए जाने के 24 घंटे बाद तक गुप्त रखी जाएगी।
ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध और जोर पकड़ रहा है। दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है, जिससे पूरा पश्चिम एशिया क्षेत्र संघर्ष की चपेट में आ गया है। इस जंग की कीमत सऊदी अरब, यूएई सहित पश्चिम एशिया के कई देश चुका रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान की ओर से कई देशों में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इससे अमेरिकी सेना को लगातार खतरा बना हुआ है और मौतों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अमेरिकी और अन्य देशों के सैनिकों के हताहत होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार
ईरान युद्ध तेज होने के बीच तेल के दाम 2022 के बाद से पहली बार 114 डॉलर प्रति बैरल हो गए। अंतरराष्ट्रीय मानक वाले ब्रेंट कच्चे तेल का दाम 114 डॉलर प्रति बैरल हो गया है जो शुक्रवार की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है। शुक्रवार को तेल का दाम 92.69 डॉलर प्रति बैरल था। ईरान युद्ध के दूसरे हफ्ते भी जारी रहने से कई देश और स्थान उसकी अपनी चपेट में आ गये हैं, जिसके कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। फारस की खाड़ी में ये वे देश एवं स्थान हैं जो तेल व गैस के उत्पादन और परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी
सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को आगाह किया कि अगर वह अरब देशों पर हमले करता रहा तो उसे अब तक का सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। सऊदी अरब का यह बयान उस नए ड्रोन हमले के बाद आया, जिसमें जाहिर तौर पर उसके बड़े शायबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा शनिवार को दिए गए इस बयान को भी खारिज कर दिया कि ईरान ने खाड़ी अरब देशों पर अपने हमले रोक दिए हैं।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, देश इस बात की पुष्टि करता है कि ईरानी पक्ष ने इस बयान पर अमल नहीं किया, न तो राष्ट्रपति के भाषण के दौरान और न ही उसके बाद। ईरान ने बिना किसी ठोस वजह के अपना आक्रमण जारी रखा है। बयान में कहा गया कि ईरानी हमले का मतलब है, "और अधिक तनाव की स्थिति, जिसका वर्तमान और भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।
