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यूक्रेन की मदद के लिए अमेरिकी सीनेट का बड़ा कदम, रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक पारित, भारत पर टैरिफ का खतरा

एक साल से अधिक समय तक चली लंबी बातचीत के बाद, इस कानून को उन देशों को दंडित करने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जा रहा है जो अब भी रूस से तेल, गैस और अन्य निर्यात खरीदना जारी रखे हुए हैं।

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यूक्रेन की मदद के लिए ट्रंप का नया कदम

Photo : AP

Russia Sanctions Bill: अमेरिकी सीनेट (US Senate) ने रूस पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा एक नया विधेयक (Russia Sanctions Bill) पारित किया है। इस नए कानून या कदम के कारण भारत सहित दुनिया के पांच देशों पर अमेरिका द्वारा 100% तक सीमा शुल्क (Tariffs) लगाए जाने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार को रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाने वाले एक बड़े विधेयक को पारित करने की दिशा में पहला कदम उठा लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की खुद अमेरिकी संसद (कैपिटल) में मौजूद थे। एक साल से अधिक समय तक चली लंबी बातचीत के बाद, इस कानून को उन देशों को दंडित करने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जा रहा है जो अब भी रूस से तेल, गैस और अन्य निर्यात खरीदना जारी रखे हुए हैं।

विधेयक के पक्ष में 86-12 से वोटिंग

इस विधेयक के पक्ष में 86-12 के भारी बहुमत से द्विदलीय प्रक्रियात्मक वोट पड़ा। यह मतदान दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार के कुछ घंटों बाद हुआ, जो इस विधेयक के मुख्य वार्ताकार थे। राष्ट्रपति जेलेंस्की सीनेटर ग्राहम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ही वाशिंगटन में थे। मतदान से पहले उन्होंने अमेरिकी सीनेटरों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि यूक्रेन रूस के साथ युद्ध में बढ़त बना रहा है, लेकिन उसे अभी भी अमेरिका से और अधिक मदद की जरूरत है। इसके बाद जेलेंस्की मतदान की प्रक्रिया देखने के लिए सीनेट की गैलरी में गए और नीचे बैठे सीनेटरों का हाथ हिलाकर समर्थन किया।

100% टैरिफ का खतरा

अमेरिकी सीनेट से पारित हुए इस प्रतिबंध विधेयक के दायरे में भारत और चार अन्य देश आ सकते हैं, जिससे इन देशों से अमेरिका जाने वाले सामानों पर 100 फीसदी तक ड्यूटी (टैरिफ) लगाई जा सकती है। यह कदम उन देशों को लक्षित करने के लिए उठाया गया है जो रूस के साथ आर्थिक या व्यापारिक संबंध बनाए हुए हैं या अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस के साथ लेन-देन कर रहे हैं। यह पूरी कवायद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नीतियों और रूस पर वैश्विक दबाव बनाए रखने की कोशिशों के तहत आगे बढ़ रही है।

जेलेंस्की और अमेरिकी सीनेटरों के बीच मुलाकात

इंडियाना के रिपब्लिकन सीनेटर टॉड यंग ने बैठक के बाद बताया कि जेलेंस्की ने सीनेटरों से कहा, यह प्रतिबंध कानून उस देश (यूक्रेन) के लिए एक महत्वपूर्ण नैतिक संकेत है जो युद्ध से थका हुआ और परेशान है, लेकिन फिर भी रूस के खिलाफ मजबूती से डटा हुआ है। वेस्ट वर्जीनिया के रिपब्लिकन सीनेटर जिम जस्टिस ने कहा कि जेलेंस्की का संदेश काफी सकारात्मक था। जेलेंस्की ने उनसे कहा, पहले साल में यह अस्तित्व की लड़ाई थी। अगले तीन साल अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश थी, लेकिन अब वे (यूक्रेनी) यह युद्ध जीत रहे हैं।

पुतिन को बातचीत की मेज पर लाना

सीनेटरों का मानना है कि यह विधेयक रूसी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने के लिए एक 'आधारशिला' साबित होगा। साउथ डकोटा के सीनेटर माइक राउंड्स के अनुसार, जेलेंस्की ने कहा कि अगर ये प्रतिबंध लागू होते हैं और रूस के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी करते हैं, तो पुतिन समझौते के लिए बातचीत करने के बारे में गंभीरता से सोचेंगे। न्यू हैम्पशायर की डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन ने कहा, यह विधेयक पुतिन को एक ऐसी भाषा में द्विदलीय संदेश भेजेगा जिसे वे समझते हैं। यूक्रेन का समर्थन करने का यह हमारा सबसे अच्छा अवसर है। हम न केवल उनके देश की रक्षा कर रहे हैं बल्कि बढ़ते आक्रामक रूस से शेष यूरोप की भी रक्षा कर रहे हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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