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सऊदी अरब के 'स्लीपिंग प्रिंस, जो 20 साल से हैं वेंटिलेटर पर; परिजनों की उम्मीदें अब भी जिंदा

Sleeping Prince: सऊदी अरब के राजकुमार अल-वालिद बिन खालिद अल सऊद पिछले 20 साल से कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है, लेकिन कई मौकों पर राजकुमार ने उंगलियां और सिर हिलाकर वापसी की उम्मीद को कायम रखा है। परिजनों का मानना है कि उनका बेटा एक दिन ठीक हो जाएगा।

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सऊदी अरब के 'स्लीपिंग प्रिंस' अल-वालिद बिन खालिद

Photo : Twitter

Sleeping Prince: सऊदी अरब के राजकुमार अल-वालिद बिन खालिद अल सऊद पिछले 20 साल से कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है, लेकिन कई मौकों पर राजकुमार ने उंगलियां और सिर हिलाकर वापसी की उम्मीद को कायम रखा है। लंबे कोमा में चल रहे राजकुमार अल-वालिद बिन खालिद अल सऊद को 'स्लीपिंग प्रिंस' के नाम से भी जाना जाता है।

कब से कोमा में हैं 'स्लीपिंग प्रिंस'

'स्लीपिंग प्रिंस' 18 अप्रैल को 36 साल के हो गए और वह 2005 से कोमा में हैं। हालांकि, एक-दो मौके पर उनके शरीर में हल्की सी हरकत देखी गई है जिनकी बदौलत राजकुमार का परिवार उनके 'कोमा' से बाहर आने की उम्मीद लगाए बैठा है।

क्या है पूरा मामला?

साल 2005 में राजकुमार अल-वालिद एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे जिसकी वजह से उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया था और वह कोमा में चले गए थे। राजकुमार अल-वालिद का रियाद में किंग अब्दुल अजीज मेडिकल सिटी में इलाज चल रहा है। राजकुमार अल-वालिद अरबपति बिजनसमैन प्र‍िंस अल वालिद बिन तलाल के बेटे हैं और उन्हें लगता है कि उनका बेटा एक दिन ठीक हो जाएगा।

रॉया न्यूज के मुताबिक, राजकुमार अल वालिद 20 साल से वेंटिलेटर पर हैं और मैकेनिकल वेंटिलेशन के साथ फीडिंग ट्यूब के सहारे हैं। साल 2019 में उन्होंने कथित तौर पर उंगली और सिर हिलाकर छोटे-छोटे संकेत दिए थे। हालांकि, ये पूर्ण रूप से कोमा से वापसी के संकेत नहीं हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजकुमार अल वालिद को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब डॉक्टर्स ने उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटाने का फैसला लिया था, लेकिन पिता ने डॉक्टर्स को इसकी इजाजत नहीं दी। उनके पिता का मानना था कि अगर ईश्वर चाहते कि वह दुर्घटना में मर जाए तो वह अबतक कब्र में होता।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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