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एस जयशंकर हैं आधुनिक भारत-अमेरिका संबंधों के आर्किटेक्स, बोले बाइडन प्रशासन के शीर्ष अधिकारी

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Oct 2, 2023, 10:10 AM IST

रिचर्ड वर्मा बराक ओबामा प्रशासन में भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्य कर चुके और वह भारत में तैनात होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी हैं।

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एस जयशंकर

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Richard Verma Praises S Jaishankar: बाइडन प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की जमकर तारीफ की है। इस अधिकारी ने जयशंकर की प्रशंसा करते हुए उन्हें अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली और आधुनिक भारत-अमेरिका संबंधों का आर्किटेक्ट बताया है। प्रबंधन और संसाधन राज्य के उप सचिव रिचर्ड वर्मा अमेरिकी विदेश विभाग में अब तक के सर्वोच्च रैंकिंग वाले भारतीय-अमेरिकी हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति की विविधता और जीवंतता का जश्न मनाने के लिए आयोजित भारतीय दूतावास में एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की।

जयशंकर को सराहा

रिचर्ड वर्मा बराक ओबामा प्रशासन में भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्य कर चुके और वह भारत में तैनात होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी हैं। वर्मा ने कहा कि विदेश मंत्री के नेतृत्व के बिना हम उस मजबूत स्थान पर नहीं होते जहां हम आज हैं। हाल ही में जयशंकर अमेरिका की एक सप्ताह की यात्रा पर थे, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया, राज्य सचिव एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की और भारतीय समुदाय और थिंक-टैंक कार्यक्रमों में भाग लिया।

महात्मा गांधी की विरासत का हवाला दिया

बाइडन प्रशासन के शीर्ष अधिकारी वर्मा ने महात्मा गांधी की विरासत का हवाला दिया और कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध साझा विचारों और साझा मूल्यों पर बने हैं। उनमें से सबसे ऊपर लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता है। महात्मा गांधी ने 1942 में राष्ट्रपति (फ्रैंकलिन डी) रूजवेल्ट को लिखा था कि उन्हें 'थोरो और इमर्सन के लेखन से बहुत लाभ हुआ।

रिचर्ड वर्मा ने सुनाई अमेरिका आने की कहानी

उन्होंने अपने पिता के एक किस्से का जिक्र किया जिन्होंने अमेरिका में बसने का फैसला किया था। साथ कहा कि राज्य के उप सचिव बनने की उनकी यात्रा न केवल एक अमेरिकी कहानी है बल्कि एक भारतीय कहानी भी है। उन्होंने कहा, यही कारण था कि 60 साल पहले मेरे पिता ने बसने के लिए इस देश को चुना। अपनी जेब में केवल 14 डॉलर (वर्तमान में 1,164 रुपये) और एक बस टिकट के साथ यहां पहुंचे थे। बाकी इतिहास है। उनके बच्चे के लिए अपनी जड़ों वाले देश में अमेरिकी राजदूत के रूप में काम करना और अब राज्य के उप सचिव के रूप में काम करना सबसे बड़ी बात है। लेकिन यह एक अमेरिकी कहानी होने के साथ साथ एक भारतीय कहानी भी है।

उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सराहना की और कहा कि यह इस सदी के सबसे परिणामी रिश्तों में से एक है। क्या हमारे रास्ते में रुकावटें आएंगी? बेशक, लेकिन दो करीबी दोस्त इन साझा मूल्यों के साथ जुड़े हुए हैं, गांधी-किंग और कई अन्य लोगों के महान विचारों से एक साथ बंधे हैं और आपके सभी बलिदानों से मजबूत हुए हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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