ठंड की शुरूआत होते ही पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ ऐसा चक्रव्यूह रच दिया है, जिसका तोड़ जेलेंस्की के पास नहीं दिख रहा है। ठंड से पहले रूस जहां यूक्रेनी सैनिकों, हथियारों के गोदामों, हवाई अड्डों, एयरफोर्स बेस, आर्मी बेस जैसी जगहों को निशाना बना रहा था, वहीं ठंड की आहट होते ही पुतिन के सैनिकों ने रणनीति बदली और उनके निशाने पर यूक्रेनी पावर हाउस आ गए।
एक के बाद एक हमले
रूस ने एक बार फिर से यूक्रेन पर मिसाइल हमलों में तेजी लाई है। इस बार उसने अपने मिसाइलों के हमले से यूक्रेन के कई पावर ग्रिडों को उड़ा दिया है। जिसकी वजह कीव, खार्किव, खारसोन में अंधेरा छा गया है। एक दिन पहले ही रूस ने एक साथ 70 मिसाइलों से यूक्रेन के कई शहरों को निशाना बनाया था।
लाखों लोग अंधेरे में
रूस के हमलों के कारण यूक्रेन के लाखों लोग बिना बिजली के रह रहे हैं। अकेले कीव में 60 प्रतिशत से ज्यादा आबादी माइनस 10 डिग्री सेल्सियस में बिना बिजली के रहने को मजबूर है। इसी तरह का हाल कमोबेश हर शहर का है। हाल ये है कि यूक्रेनी सरकार लोगों से ठंड से बचने के लिए बिजली छोड़ बाकी स्त्रोतों पर निर्भर रहने के लिए अपील रही है।
हमलों में और तेजी
माना जा रहा है कि जैसे-जैसे ठंड बढेगी, वैसे-वैसे रूस भी हमलों में तेजी लाएगा। यही कारण है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की, पश्चिमी देशों से मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम देने की मांग कर रहे हैं। जो रूस के हमलों से यूक्रेन को बचा सके। वहीं रूस ड्रोन्स और मिसाइल के सहारे यूक्रेन को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
