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रूसी गोलों से नहीं ठंड की ठिठुरन से मर जाएंगे यूक्रेनी; पुतिन की इस चाल का जेलेंस्की के पास नहीं है जवाब

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 18, 2022, 08:04 PM IST

रूसी सैनिक इन दिनों यूक्रेन पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इन मिसाइलों के निशाने पर यूक्रेन की सेना की जगह उसके पावर हाउस रहे हैं। यही कारण है कि यूक्रेन की राजधानी कीव समेत लगभर सभी शहर अंधेरे में डूबे हुए हैं। लोग भयंकर ठंड में जिंदगी जीने को मजबूर हैं।

ठंड की शुरूआत होते ही पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ ऐसा चक्रव्यूह रच दिया है, जिसका तोड़ जेलेंस्की के पास नहीं दिख रहा है। ठंड से पहले रूस जहां यूक्रेनी सैनिकों, हथियारों के गोदामों, हवाई अड्डों, एयरफोर्स बेस, आर्मी बेस जैसी जगहों को निशाना बना रहा था, वहीं ठंड की आहट होते ही पुतिन के सैनिकों ने रणनीति बदली और उनके निशाने पर यूक्रेनी पावर हाउस आ गए।

एक के बाद एक हमले

रूस ने एक बार फिर से यूक्रेन पर मिसाइल हमलों में तेजी लाई है। इस बार उसने अपने मिसाइलों के हमले से यूक्रेन के कई पावर ग्रिडों को उड़ा दिया है। जिसकी वजह कीव, खार्किव, खारसोन में अंधेरा छा गया है। एक दिन पहले ही रूस ने एक साथ 70 मिसाइलों से यूक्रेन के कई शहरों को निशाना बनाया था।

लाखों लोग अंधेरे में

रूस के हमलों के कारण यूक्रेन के लाखों लोग बिना बिजली के रह रहे हैं। अकेले कीव में 60 प्रतिशत से ज्यादा आबादी माइनस 10 डिग्री सेल्सियस में बिना बिजली के रहने को मजबूर है। इसी तरह का हाल कमोबेश हर शहर का है। हाल ये है कि यूक्रेनी सरकार लोगों से ठंड से बचने के लिए बिजली छोड़ बाकी स्त्रोतों पर निर्भर रहने के लिए अपील रही है।

हमलों में और तेजी

माना जा रहा है कि जैसे-जैसे ठंड बढेगी, वैसे-वैसे रूस भी हमलों में तेजी लाएगा। यही कारण है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की, पश्चिमी देशों से मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम देने की मांग कर रहे हैं। जो रूस के हमलों से यूक्रेन को बचा सके। वहीं रूस ड्रोन्स और मिसाइल के सहारे यूक्रेन को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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