रूस ने अब उसका ऐलान कर ही दिया है, जिसका डर सबसे ज्यादा यूक्रेन और पश्चिमी देशों को था। यूक्रेन को युद्ध में बढ़त मिलता देख, अब पुतिन ने एक ऐसा फैसला किया है, जिससे दुनिया का नक्शा एक बार फिर से बदल जाएगा। रूस ने यूक्रेन के कब्जाए गए चार क्षेत्रों को अपने में मिलाने का ऐलान कर दिया है। रूस ने कहा कि वो शुक्रवार को इन शहरों को आधिकारिक तौर से अपना हिस्सा बना लगा। रूस कुछ हिस्सों में पहले से ही अपना पासपोर्ट बांट रहा था।
इन शहरों में हुआ जनमत संग्रह
दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन के चार शहरों में रूस ने जनमत संग्रह करवाया था। यानि कि लोगों से पूछा गया था कि वो यूक्रेन में रहना चाहते हैं या रूस में। रूस ने दावा किया है कि इसके नतीजे चौंकाने वाले आए हैं। ज्यादातर लोगों ने रूस के साथ रहना पसंद किया है। इन इलाकों में रूस-स्थापित प्रशासन ने मंगलवार रात दावा किया कि ज़ापोरिज़्झिया क्षेत्र में डाले गए 93% मतपत्रों ने विलय का समर्थन किया है। वहीं खेरसॉन क्षेत्र में 87%, लुहान्स्क क्षेत्र में 98% और डोनेट्स्क में 99% ने लोगों ने रूस में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है।
यूक्रेन ने क्या कहा
यूक्रेन ने इस जनमत संग्रह को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है। यूक्रेन के इस दावे को पश्चिमी देशों से भी समर्थन मिला है। यूक्रेन ने कहा कि वो इन हिस्सों को फिर से वापस छीन लेगा। हालांकि यूक्रेन के इन दावों से शायद ही रूस को कोई फर्क पड़ा हो। क्रेमलिन इस विलय की तैयारी कर रहा है। वहीं अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने जनमत संग्रह की को फर्जी बताया है। इन देशों ने कहा कि वो रूस के इस फैसलों को कभी नहीं स्वीकार करेंगे।
रूस ने क्या कहा
रूस ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को क्रेमलिन में उस समारोह में भाग लेंगे, जहां यूक्रेन के चार क्षेत्रों को आधिकारिक तौर पर रूस में जोड़ दिया जाएगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से ये बातें कही। पेसकोव ने कहा कि क्रेमलिन के सेंट जॉर्ज हॉल में समारोह के दौरान इन क्षेत्रों के मास्को समर्थक प्रशासक रूस में शामिल होने के लिए संधियों पर हस्ताक्षर करेंगे।
