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रूस ने यूक्रेन पर 500 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दागीं, जेलेंस्की ने और समर्थन मांगा

हाल ही में कूटनीतिक गतिविधियों के बीच, पुतिन चीन में चीनी नेता शी चिनफिंग और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ-साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मिले। वाशिंगटन का कहना है कि ये देश रूस के युद्ध प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। उसके अनुसार, उत्तर कोरिया ने रूस को सैनिक और गोला-बारूद भेजा है वहीं चीन और भारत ने रूसी तेल खरीदा है।

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रूस-यूक्रेन के बीच करीब साढ़े तीन साल से युद्ध चल रहा है। तस्वीर-AP

Photo : AP

Russia Ukraine War: रूस ने रात भर में यूक्रेन पर 500 से अधिक ड्रोन और दो दर्जन मिसाइलें दागीं। दूसरी तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति और यूरोपीय नेता यूक्रेनी सुरक्षा को मजबूत करने और अब तक अमेरिकी नेतृत्व वाले असफल शांति प्रयासों को गति देने के उद्देश्य से बातचीत जारी रखे हुए हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस के हमले के मुख्य लक्ष्य नागरिक बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से ऊर्जा सुविधाएं थीं। उन्होंने कहा कि रूस ऊर्जा सुविधाओं को सर्दी से पहले निशाना बनाकर अपने पड़ोसी को परेशान करने की आक्रामक नीति पर काम कर रहा है। यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि हमलों में मुख्य रूप से पश्चिमी और मध्य यूक्रेन को निशाना बनाया गया और कम से कम पांच लोग घायल हो गए।

प्रस्तावों पर क्रेमलिन ने आपत्ति जताई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लड़ाई रोकने के प्रयासों के बावजूद, हाल के महीनों में नागरिक क्षेत्रों पर रूसी हवाई हमले तथा 1,000 किलोमीटर की अग्रिम पंक्ति में यूक्रेनी सुरक्षा को ध्वस्त करने के रूसी सेना के प्रयासों में कमी नहीं आई है। जेलेंस्की ने हालांकि ट्रंप के युद्ध विराम और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आमने-सामने शांति वार्ता के प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन क्रेमलिन ने इस पर आपत्ति जताई है।

रूस के युद्ध प्रयासों का समर्थन कर रहे ये देश-यूएस

हाल ही में कूटनीतिक गतिविधियों के बीच, पुतिन चीन में चीनी नेता शी चिनफिंग और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ-साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मिले। वाशिंगटन का कहना है कि ये देश रूस के युद्ध प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। उसके अनुसार, उत्तर कोरिया ने रूस को सैनिक और गोला-बारूद भेजा है वहीं चीन और भारत ने रूसी तेल खरीदा है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को मदद मिली है। रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने का आग्रह करते हुए जेलेंस्की ने ‘टेलीग्राम’ पर कहा, 'पुतिन अपनी अभेद्यता का प्रदर्शन कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'केवल पर्याप्त दबाव की कमी, विशेषकर युद्ध अर्थव्यवस्था पर, ही रूस को इस आक्रामकता को जारी रखने के लिए प्रेरित करती है।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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