इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते के तहत पांचवीं अदला-बदली में यहूदी राष्ट्र ने कुल 183 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया। इससे पहले हमास ने तीन इजरायली बंदियों को मुक्त कर दिया। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल की जेल सेवा ने पुष्टि की है कि 183 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया है।
सात को अस्पताल में कराया गया भर्ती
फिलिस्तीन प्रिजनर सोसायटी का कहना है कि रिहा किए गए सात फिलीस्तीनी कैदियों को रामल्लाह पहुंचने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।एनजीओ के प्रमुख अब्दुल्ला अल-ज़गहरी ने कहा, "आज रिहा किए गए सभी कैदियों को पिछले महीनों में उनके साथ हुई क्रूरता के परिणामस्वरूप चिकित्सा देखभाल, उपचार और जांच की जरुरत है। सात कैदियों को अस्पताल में ट्रांसफर किया गया है।"
लोगों ने लगाया जयकारा
फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट ने पुष्टि की कि रिहा किए गए सात कैदियों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रामल्लाह में, 42 रिहा किए गए फिलिस्तीनी कैदियों को ले जा रही एक बस का जयकारे लगाने वाली भीड़ ने स्वागत किया।
हमास ने छोड़े तीन इजराइली कैदी
इससे पहले हमास ने शनिवार को तीन और इजरायली बंधकों को गाजा युद्ध विराम समझौते के तहत मुक्त कर दिया। तीनों को 7 अक्टूबर के हमले के दौरान हमास के लड़ाकों ने बंधक बनाया था। रिहा किए गए बंधकों में एली शराबी, ओहद बेन अमी और ऑर लेवी शामिल हैं। हमास ने शनिवार सुबह उन्हें रेड क्रॉस को सौंप दिया। इसके बाद इन्हें इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) के हवाले किया गया और फिर इजरायल ले जाया गया। इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने तीन इजरायली बंदियों की हालत लेकर चिंता जताई है जो रिहाई के वक्त काफी दुबले-पतले दिखाई दे रहे थे। उन्होंने तीनों की कमजोर शारीरिक स्थिति पर विरोध जताते हुए कहा कि यह मानवता के विरुद्ध अपराध है।
47 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला करके 251 बंधकों को पकड़ लिया और लगभग 1,200 लोगों को मार डाला था जिसके बाद युद्ध शुरू हो गया। गाजा के हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के हमले में कम से कम 47,500 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इजरायल के हमलों से गाजा की लगभग दो-तिहाई इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं।
