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US आर्मी में ट्रांसजेंडर्स की भर्ती पर लगेगा प्रतिबंध, डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश पर किए हस्ताक्षर

USA: ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को ट्रांसजेंडर सैनिकों संबंधी पेंटागन की नीति को संशोधित करने का निर्देश दिया है। इस कार्यकारी आदेश से भविष्य में अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडर सैनिकों की भर्ती पर प्रतिबंध लग सकता है।

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अमेरिका की सेना में ट्रांसजेंडर्स की भर्ती पर लगेगा प्रतिबंध

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को ट्रांसजेंडर सैनिकों संबंधी पेंटागन की नीति को संशोधित करने का निर्देश दिया है। ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश से भविष्य में अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडर सैनिकों की भर्ती पर प्रतिबंध लग सकता है। उन्होंने उन सैनिकों को भी बहाल करने का आदेश दिया जिन्हें कोविड-19 टीके लेने से इनकार करने के कारण हटा दिया गया था। ट्रंप के कार्यकारी आदेश में अमेरिका के लिए मिसाइल रक्षा कवच की तैनाती का प्रावधान किया गया है। रक्षा मंत्री के रूप में अपने पहले दिन ही पीट हेगसेथ को राष्ट्रपति के कई कार्यकारी आदेशों का अनुपालन करने की दिशा में काम करते हुए देखा गया। ट्रंप और हेगसेथ दोनों ने पूरे दिन प्रत्याशित आदेशों के कुछ हिस्सों का वर्णन किया, लेकिन इन कार्यकारी आदेशों की स्पष्टता सोमवार देर शाम तक सामने नहीं आई थी।

ट्रांसजेंडर कार्यकारी आदेश

ट्रांसजेंडर सैनिकों पर प्रतिबंध की व्यापक रूप से उम्मीद की जा रही थी और ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित आदेश भविष्य में प्रतिबंध लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ट्रंप ने अपने आदेश में दावा किया कि ट्रांसजेंडर सैनिकों द्वारा सेना में ड्यटी करना ‘एक सैनिक की सम्मानजनक, सत्यनिष्ठ और अनुशासित जीवनशैली’ को लेकर प्रतिबद्धता के साथ टकराव की स्थिति पैदा करता है। ट्रंप ने इसे सेना की तैयारियों के लिए हानिकारक बताते हुए इसे संशोधित करने को भी कहा है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने ट्रांसजेंडर सैनिकों पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी, लेकिन यह मामला कई वर्षों तक अदालतों में उलझा रहा। इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा पदभार ग्रहण करने के कुछ समय बाद ही इसे पलट दिया गया था। ट्रंप के प्रथम कार्यकाल के दौरान न्यायालयों में इस प्रतिबंध को चुनौती देने वाले ट्रांसजेंडर सैनिकों के वकीलों ने पहले ही इस नए प्रतिबंध के विरुद्ध लड़ने का संकल्प लिया है। इसके अलावा वर्ष 2021 में कम से कम 8200 सैनिकों को कोविड-19 रोधी टीका लगवाने से मना करने पर वैध आदेश का पालन करने से इंकार करने के कारण सेना से बाहर कर दिया गया था। ट्रंप ने इन सैनिकों की सेवा को दोबारा बहाल करने का भी आदेश दिया है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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