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अमेरिका के डलास पहुंचे राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद पहला दौरा

Rahul Gandhi US Visit: राहुल गांधी आठ से 10 सितंबर तक अमेरिका में होंगे, इस दौरान वह जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय और टेक्सास यूनिवर्सिटी में लोगों के साथ संवाद करने के साथ ही वाशिंगटन डीसी और डलास में कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। विपक्ष के नेता के तौर पर उनका यह पहला अमेरिका दौरा होगा।

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अमेरिका के डलास पहुंचे राहुल गांधी।

Rahul Gandhi US Visit: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रविवार को अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर अमेरिका के टेक्सास के डलास पहुंचे। वह यहां 8 से 10 सितंबर तक रहेंगे। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि मैं इस यात्रा के दौरान सार्थक चर्चाओं और व्यावहारिक बातचीत में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं, जो हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी।

इससे पहले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी के अमेरिका दौरे की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि वह अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर नहीं आ रहे हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें कैपिटल हिल में विभिन्न लोगों से व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत करने का मौका मिलेगा।

पित्रोदा ने कहा, राहुल निश्चित तौर पर राष्ट्रीय प्रेस क्लब में प्रेस के साथ बातचीत करेंगे, वह थिंक टैंक के लोगों से मिलेंगे और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में लोगों से मुखातिब होंगे, जिसका वाशिंगटन डीसी में भी उतना ही महत्व है।

ये होगा राहुल गांधी का पूरा कार्यक्रम

राहुल गांधी आठ से 10 सितंबर तक अमेरिका में होंगे, इस दौरान वह जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय और टेक्सास यूनिवर्सिटी में लोगों के साथ संवाद करने के साथ ही वाशिंगटन डीसी और डलास में कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। सैम पित्रोदा के अनुसार, राहुल गांधी आज टेक्सास यूनिवर्सिटी के छात्रों, शिक्षाविदों और समुदाय के लोगों के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान वह कुछ टेक्नोक्रेट से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद वह डलास के क्षेत्रीय नेताओं के साथ राहुल गांधी रात्रिभोज करेंगे।अगले दिन वे वाशिंगटन डीसी जाएंगे, जहां एक थिंक टैंक, नेशनल प्रेस क्लब और अन्य लोगों से बातचीत करने की योजना बना रहे हैं।

नेता विपक्ष बनने के बाद पहला अमेरिका दौरा

बता दें, नेता विपक्ष बनने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी का यह पहला अमेरिका दौरा है। ऐसे में उनके दौरे पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं। इससे पहले राहुल गांधी बीते साल जून में अमेरिका गए थे। इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स से संवाद किया था और एक प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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