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1 जुलाई को होगी क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक, अमेरिका करेगा मेजबानी; भारत समेत ऑस्ट्रेलिया और जापान होंगे शामिल

QUAD: क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 1 जुलाई को अमेरिका में होगी। क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग यानी क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। क्वाड का मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को बढ़ाना है।

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अमेरिका करेगा क्वाड देशों की मेजबानी

Photo : ANI

QUAD 2025: अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने घोषणा की कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो 1 जुलाई को वाशिंगटन डीसी में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की मेजबानी करेंगे। पिगोट ने कहा कि रुबियो 1 जुलाई को वाशिंगटन, डीसी में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए ऑस्ट्रेलिया , भारत और जापान के विदेश मंत्रियों की मेजबानी करेंगे।

सुरक्षा, समृद्धि और तकनीक पर होगी बात

ओआरएफ वाशिंगटन डीसी में ध्रुव जयशंकर ने क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए कहा कि अमेरिका के अपने क्वाड साझेदारों के साथ संबंध हाल ही में जटिल हो गए हैं, क्योंकि रक्षा खर्च को लेकर जापान के साथ, AUK US को लेकर ऑस्ट्रेलिया के साथ और पाकिस्तान को लेकर भारत के साथ मतभेद हैं। इन कारणों से, क्वाड एजेंडे को आगे बढ़ाना भी मुश्किल है, बावजूद इसके कि अमेरिका समूहों का ध्यान सुरक्षा, समृद्धि, तकनीक और मातृभूमि की सुरक्षा पर केंद्रित कर रहा है।

दिसंबर 2004 में बना था क्वाड

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पहले बताया था कि 18 जून को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया था, तब यह घटनाक्रम हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ टेलीफोन पर बातचीत कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। मिसरी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि क्वाड की अगली बैठक के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत आमंत्रित किया। निमंत्रण स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वह भारत आने के लिए उत्साहित हैं। क्वाड ऑस्ट्रेलिया , भारत , जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक कूटनीतिक साझेदारी है जो एक खुले, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। क्वाड की उत्पत्ति दिसंबर 2004 के हिंद महासागर सुनामी के जवाब में हमारे सहयोग से हुई है। इससे पहले जनवरी में, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने कार्यकाल के पहले दिन, क्वाड गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए ऑस्ट्रेलिया , भारत और जापान के विदेश मंत्रियों की मेजबानी की थी।

रुबियो ने एक्स पर पोस्ट किया था कि विदेश मंत्री के रूप में पहले दिन, मैंने क्वाड की एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए ऑस्ट्रेलिया , भारत और जापान के विदेश मंत्रियों की मेजबानी की। हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक अवसर और शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने क्वाड समकक्षों- विदेश मंत्री एस जयशंकर, जापान के ताकेशी इवाया और ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग के साथ अमेरिकी विदेश विभाग में बैठक की। एक संयुक्त बयान में, क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जहां संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखा जाता है और उसकी रक्षा की जाती है। क्वाड देशों ने बल या जबरदस्ती के माध्यम से यथास्थिति को बदलने के उद्देश्य से किसी भी एकतरफा कार्रवाई का भी कड़ा विरोध व्यक्त किया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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